वाशिंगटन, 30 जनवरी (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा पर अतिरिक्त दबाव डालने के उद्देश्य से इस द्वीपीय देश को तेल निर्यात करने वाले देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किये हैं।
अमेरिका ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अतिआवश्यक कदम बताते हुए गुरुवार को यह कदम उठाया है, जिसके तहत उन सभी देशों से अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जाएगा, जो क्यूबा को तेल की आपूर्ति करते हैं।
इस आदेश के पीछे तर्क दिया गया है कि क्यूबा अमेरिका के प्रति शत्रुता का रुख रखने वाले रूस, चीन और ईरान जैसे देशों से संबंध रखता है। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि क्यूबा अमेरिका द्वारा देश के लिए ‘घातक’ चिन्हित किए गए हिज़्बुल्लाह और हमास जैसे समूहों को भी पनाह देता है।
इसके अतिरिक्त तर्क दिया गया है कि क्यूबा सरकार आधारभूत मानवाधिकारों की अवहेलना करती है। इन सभी आरोपों के आधार पर अमेरिका ने क्यूबा के खिलाफ ‘राष्ट्रीय आपात’ की घोषणा कर दी है और इसके सहयोगी देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है।
श्री ट्रंप से गुरुवार को जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या वह क्यूबा का ‘दम घोंटने’ की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “दम घोंटना एक बहुत ही कड़ा शब्द है। मैं ऐसी कोशिश नहीं कर रहा हूँ, लेकिन ऐसा लगता है कि यह देश अब टिक नहीं पाएगा।”
दूसरी ओर, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने श्री ट्रंप के इस कार्यकारी आदेश की निंदा करते हुए इसे ‘क्यूबा और उसके लोगों के खिलाफ एक क्रूर कृत्य’ बताया। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों पर अब अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह दूसरे देशों को क्यूबा के खिलाफ अपनी नाकाबंदी नीति में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहा है।
क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस एफ. डी कोसियो ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा कि अमेरिका दशकों के आर्थिक युद्ध की विफलता के बाद क्यूबा की नाकाबंदी को और सख्त कर रहा है और संप्रभु राष्ट्रों को इस प्रतिबंध में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहा है।
पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह आदेश मेक्सिको पर महत्वपूर्ण दबाव बनाएगा, क्योंकि अमेरिका के इस पड़ोसी ने लगातार क्यूबा के साथ एकजुटता दिखाई है और क्यूबा को तेल का निर्यात भी सबसे अधिक यहीं करता है।
श्री ट्रंप और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने गुरुवार सुबह फोन पर बात की थी। सुश्री शीनबाम ने कहा कि उन्होंने क्यूबा के बारे में चर्चा नहीं की। उन्होंने हालांकि यह भी बताया कि मेक्सिको के विदेश सचिव ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ चर्चा की थी कि मेक्सिको के लिए क्यूबा को अपनी मानवीय सहायता जारी रखना ‘बहुत महत्वपूर्ण’ है और मेक्सिको, अमेरिका तथा क्यूबा के बीच एक मध्यस्थ के रूप में काम करने के लिए तैयार है।
इस सप्ताह इस बात की काफी अटकलें लगाई जा रही थीं कि मेक्सिको श्री ट्रंप के बढ़ते दबाव के कारण क्यूबा सरकार से दूरी बनाने के लिए वहां तेल के निर्यात में कटौती कर सकता है।
