नयी दिल्ली 28 जनवरी (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुुर्मु ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत के सशस्त्र बलों के शौर्य को देखा है और सरकार देश की सुरक्षा सुदृढ करने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा है।
श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को यहां संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत न किसी को डराता है और न ही किसी से डरता है। उन्होंने कहा, ” श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हमें सिखाया है – भय काहू को देत नय, नय भय मानत आन यानी हम ना किसी को डराएं, और ना किसी से डरकर जिएं। ” उन्होंने कहा कि इसी निडर भावना से भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ” ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त कर दिया। मेरी सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।”
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि सरकार देश को हर क्षेत्र और विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ” आज मेक इन इंडिया के विजन के साथ बने उत्पाद, दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंच रहे हैं। स्वदेशी को लेकर भी देशवासियों में बहुत उत्साह है।”
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में भारत का रक्षा उत्पादन डेढ़ लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है और रक्षा निर्यात भी रिकॉर्ड 23 हज़ार करोड़ रुपए से ऊपर चला गया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद, ‘मेड इन इंडिया डिफेंस प्लेटफॉर्म्स’ पर लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।
