भोपाल:मध्य प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रेनिंग) राजा बाबू सिंह के एक बयान को लेकर देश भर में चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने सीहोर जिले के दोराहा गांव स्थित एक मदरसे के छात्रों को संबोधित करते हुए कुरान के साथ-साथ भगवद गीता पढ़ने की अपील की। उनका कहना था कि गीता जीवन के नैतिक मूल्यों, कर्तव्य और मानवता का मार्ग दिखाती है।राजा बाबू सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मदरसे के छात्रों से संवाद किया।
इस दौरान उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण संरक्षण, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में जीवन को बेहतर बनाने की सीख मिलती है और युवाओं को व्यापक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए।एडीजी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पर विचार थोपना नहीं, बल्कि छात्रों को नैतिक और मानवीय मूल्यों से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि मदरसे के मौलाना उनके परिचित हैं और उन्हीं के आमंत्रण पर उन्होंने छात्रों को संबोधित किया।इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक समन्वय और सौहार्द का संदेश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे धर्मनिरपेक्षता और शिक्षा की सीमाओं से जोड़कर देख रहे हैं।फिलहाल यह बयान राज्य में सामाजिक और शैक्षिक विमर्श का विषय बना हुआ है।
