
सीधी । पुलिस की सक्रियता और मानवीय संवेदनाओं का एक प्रेरक उदाहरण आज थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम जोरौंधा में देखने को मिला। जहां डायल 112 की तत्परता और कोतवाली पुलिस की सूझबूझ से एक युवक को आत्मघाती कदम उठाने से रोककर उसकी जीवन रक्षा की गई।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम जोरौंधा निवासी विकास पाल का घर में पैसों की मांग को लेकर विवाद हुआ था। मांग पूरी न होने से क्षुब्ध होकर युवक अचानक गांव में स्थित पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया और वहां से कूदकर जान देने की धमकी देने लगा। युवक को टंकी की ऊंचाई पर देखकर पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
पुलिस और एफआरव्ही की ‘क्विक रिस्पांस’ –
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम और एफआरव्ही डायल 112 तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला। प्रधान आरक्षक रण बहादुर, आरक्षक संतोष यादव एवं आरक्षक अनुराग यादव ने अपनी जान की परवाह न करते हुए और सूझबूझ का परिचय देते हुए युवक से निरंतर संवाद स्थापित किया। काफी देर तक चली कड़ी मशक्कत और संवेदी समझाइश के बाद, पुलिस टीम युवक का मन बदलने में सफल रही और उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में एफआरवी चालक अरुण पाल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने सूचना मिलते ही न्यूनतम समय में टीम को मौके पर पहुंचाया।
जीवन रक्षा पर ग्रामीणों ने जताया आभार-
युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के पश्चात उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। समय रहते मिली सहायता और पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की ग्रामीणों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
इनका कहना है-
पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य जनसेवा और जीवन रक्षा है। थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय और उनकी टीम ने जिस संवेदनशीलता के साथ इस संकटपूर्ण स्थिति को संभाला, वह सराहनीय है। नागरिकों से अपील है कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद से निकालें, जीवन अनमोल है।
संतोष कोरी, पुलिस अधीक्षक सीधी
