श्रीनगर | कश्मीर घाटी में हो रहे ‘बर्फबारी के तांडव’ ने यातायात व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। लगातार गिरती बर्फ और बेहद कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मंगलवार को 25 आने वाली और 25 जाने वाली उड़ानों सहित कुल 50 फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा है। वहीं, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH44) को काजीगुंड और नवयुग सुरंग के पास भारी हिमपात के कारण बंद कर दिया गया है। मुगल रोड और श्रीनगर-लद्दाख मार्ग भी बर्फ की मोटी चादर के नीचे दब गए हैं, जिससे घाटी का शेष भारत से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है।
लंबे समय से सूखे की मार झेल रही कश्मीर घाटी के लिए यह बर्फबारी एक बड़ी राहत बनकर आई है। 1 नवंबर के बाद से वर्षा में दर्ज की गई 85% की कमी को दूर करने के लिए यह हिमपात बेहद जरूरी माना जा रहा है। कुपवाड़ा, पुलवामा और गुलमर्ग जैसे इलाके पूरी तरह सफेद चादर में ढंक चुके हैं। जहां एक ओर स्थानीय निवासी कृषि और जल स्तर के लिहाज से इस बर्फबारी का स्वागत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पर्यटक इस नज़ारे का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। गुलमर्ग और श्रीनगर के रीगल चौक पर पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है, जो सीजन की इस पहली बड़ी बर्फबारी को कैमरों में कैद कर रहे हैं।
बर्फबारी के कारण रेलवे सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए सख्त एडवायजरी जारी करते हुए कहा है कि वे राजमार्गों पर तब तक यात्रा न करें जब तक कि सड़क पूरी तरह बहाल न हो जाए। कुपवाड़ा और पुलवामा जैसे संवेदनशील जिलों में मशीनों के जरिए बर्फ हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट से संपर्क करें, क्योंकि मार्ग पर फिसलन और हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।

