
नईदिल्ली। एशियाई शेयर बाजारों में आज कमजोरी देखने को मिली, जिसका प्रमुख कारण जापानी येन में आई मजबूती रहा। मजबूत येन से निर्यात आधारित कंपनियों पर दबाव बढ़ा, जिससे जापान का प्रमुख सूचकांक निक्केई 1.9% टूटकर 52,812 अंक पर बंद हुआ। इस दौरान ऑटो सेक्टर में बिकवाली हावी रही और टोयोटा मोटर कॉर्प के शेयरों में 3.2% की गिरावट दर्ज की गई।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भी दबाव में रहा और निवेशकों की सतर्कता के चलते इसमें मामूली से मध्यम गिरावट देखी गई। टेक और मैन्युफैक्चरिंग शेयरों में मुनाफावसूली का असर कोस्पी पर पड़ा। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी कमजोर वैश्विक संकेतों और चीन की आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताओं के बीच फिसलता नजर आया।
मुद्रा बाजार की बात करें तो जापानी येन डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, जिससे एशियाई निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ा। डॉलर इंडेक्स में हल्की नरमी देखी गई, जबकि निवेशक आगे आने वाले वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निकट भविष्य में एशियाई शेयर बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है।
