
नई दिल्ली। भारतीय उद्योग जगत के दिग्गज अडानी ग्रुप और ब्राजील की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) अगले सप्ताह एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां मिलकर भारत में नागरिक विमानों (Civil Aircraft) के लिए एक ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (FAL) स्थापित करेंगी। यह कदम भारत को वैश्विक विमानन विनिर्माण (Aviation Manufacturing) के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने वाला माना जा रहा है।
मेक इन इंडिया को रफ्तार: इस यूनिट के जरिए भारत में ही कमर्शियल जेट्स की असेंबलिंग और फिनिशिंग की जाएगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: एम्ब्रेयर के छोटे और मध्यम आकार के विमान भारत की ‘उड़ान’ (UDAN) जैसी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजनाओं के लिए बेहद उपयुक्त माने जाते हैं।
अडानी का विस्तार: अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस पहले से ही ड्रोन और सैन्य उपकरणों पर काम कर रहा है, लेकिन नागरिक विमानों के क्षेत्र में यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी छलांग होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस असेंबली लाइन के स्थापित होने से न केवल देश में उच्च-तकनीकी कौशल वाले रोजगार पैदा होंगे, बल्कि भारत भविष्य में दक्षिण-एशियाई देशों के लिए विमानों के निर्यात का केंद्र (Export Hub) भी बन सकता है। अगले सप्ताह होने वाले आधिकारिक कार्यक्रम में इस निवेश की कुल राशि और प्लांट की संभावित लोकेशन का खुलासा होने की उम्मीद है।
