नयी दिल्ली, 26 जनवरी (वार्ता) गणतंत्र दिवस पर सोमवार को वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने फ्लाईपास्ट के दौरान ‘सिंदूर फार्मेशन’ में उड़ान भर कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
वायु सेना ने हवाई प्रदर्शन की अपनी शानदार परंपरा को जारी रखते हुए और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों में दुश्मन पर गहरी और सटीक प्रहार करने की क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सिंदूर फार्मेशन में सात विमान दो राफेल, दो सुखोई-30, दो मिग-29 और एक जगुआर विमान शामिल हुए।
फ्लाई-पास्ट में कुल 29 विमान शामिल हुए जिनमें 16 लड़ाकू विमान, 4 हेलीकॉप्टर और 9 परिवहन विमान शामिल हैं। जिसने भारतीय वायु सेना की व्यापक संचालन पहुंच, बहुमुखी क्षमता और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया।
फ्लाईपास्ट दो अलग-अलग ब्लॉकों में हुआ। पहले ब्लॉक में चार एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने ‘ध्वज’ फ़ॉर्मेशन कर इसकी शुरूआत की, इसमें कर्तव्य पथ पर फुलों की पंखुडी बरसाई गयीं। इसके बाद ‘प्रहार’ फ़ॉर्मेशन में तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) ने विक फ़ॉर्मेशन दिखाई।
इसके बाद लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने एस्टर्न फ़ॉर्मेशन में उड़ान भरी, जिसमें एक अपाचे और एक हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर शामिल था। ब्लॉक-1 की मुख्य विशेषता ‘स्पीयरहेड’ फ़ॉर्मेशन थी, जिसने ऑपरेशन सिंदूर को श्रद्धांजलि अर्पित की और इसमें प्रमुख लड़ाकू विमान जैसे राफेल, मिग-29, सुखोई-30 और जगुआर विमान शामिल थे, जिन्होंने वायु सेना की लड़ाकू शक्ति और बहु-भूमिका क्षमता को दर्शाया।
ब्लॉक-2 परेड के बाद आयोजित हुआ, जिसमें वायु सेना की रणनीतिक एयरलिफ्ट, समुद्री और हवाई प्रभुत्व क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। ‘अर्जन’ फ़ॉर्मेशन में एक सी-130 और दो सी-295 परिवहन विमानों ने भाग लिया, इसके बाद ‘वरुण’ फ़ॉर्मेशन में पी-8आई समुद्री गश्ती विमान सुखोई-30 लड़ाकू विमानों के साथ दिखा।
इस ब्लाक का मुख्य आकर्षण राफेल लड़ाकू विमानों की छह-विमानों वाली ‘वज्रांग’ एरोहेड फ़ॉर्मेशन थी, जो एकल राफेल द्वारा वर्टिकल चार्ली मैन्यूवर के साथ समाप्त हुई, जो सटीकता और उत्कृष्टता का प्रतीक है।
गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायु सेना मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जे कुमार ने किया। स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश एस ने भी इसमें भाग लिया।
वायु सेना बैंड का नेतृत्व सार्जेंट चार्ल्स एंटनी डैनियल किया। बैंड ने परेड के दौरान “साउंड बैरियर” धुन बजाकर परेड में मार्गदर्शन किया।
