
जबलपुर। जीवन दायिनी मां नर्मदा जी के प्राकट्योत्सव को लेकर सुबह से लेकर देर रात तक मां नर्मदा जी के भक्तों का जन सैलाब नर्मदा घाटों पर देखने को मिला। जिसमें लोग सुबह-सुबह ब्रह्म मुहूर्त में ही मां नर्मदा जी के घाटों पर पहुंचकर पूजन- अर्चन करने लगे थे। यह सिलसिला पूरे दिन तक जारी रहा। जिसमें लाखों की संख्या में भक्त नर्मदा जी के दर्शन को पहुंचे और जिसमें भक्तों ने दर्शन कर विधि विधान से पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सजावट बनी आकर्षण का केंद्र
मां नर्मदा जी के प्रकट उत्सव को लेकर नर्मदा घाटों पर एक से बढ़कर एक साज- सज्जा की गई थी। जिसमें मां नर्मदा जी के मंदिर में एलईडी लाइटिंग के साथ तरह-तरह के फूलों से पूरे मंदिर को सजाया गया था। वहीं घाट पर भी आकर्षण लाइटिंग और एलईडी स्क्रीन लगी हुई थी, साथ ही पूरे नर्मदा घाटों को सजाया गया था। जिससे मां नर्मदा जी का स्वरूप लोगों को देखते ही बन रहा था।
पूरे शहर में भंडारा और प्रसाद वितरण
संस्कारधानी की जीवन रेखा और जीवन दायिनी मां नर्मदा के प्रकट उत्सव को जबलपुर में एक अलग ही स्वरुप में मनाया जाता है। लोगों के अंदर मां नर्मदा जी के प्रति भक्ति और आस्था देखने को मिलती है। वहीं नर्मदा जी के प्रकट उत्सव को लेकर सुबह से लेकर से ही जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण का का सिलसिला शुरू हो गया था, जो की देर रात तक शहर की मुख्य सड़कों और गली- मोहल्लों के अंदर हर कदम पर मां नर्मदा जी की पूजन- अर्चन के साथ लोगों द्वारा भंडारा और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
वाहनों का लगा रहा जखीरा, यातायात पुलिस ने संभाला मोर्चा
नर्मदा जी के दर्शन को लेकर लाखों की संख्या में भक्ति नर्मदा घाटों पर पहुंच रहे थे। जिससे मुख्य तौर पर गौरीघाट में लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिली थी। वहीं रात के समय शास्त्री ब्रिज,गोरखपुर बाजार, रामपुर चौराहा, बादशाह हलवाई मंदिर आदि सभी जगह पर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली। इसके साथ ही भेड़ाघाट, तिलवारा घाट,सरस्वती घाट, पंचवटी आदि सभी जगह पर नर्मदा भक्तों का तांता लग रहा। भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जाम की स्थिति ना बने, इसको लेकर यातायात पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी, डीएसपी संतोष कुमार शुक्ला, डीएसपी बैजनाथ प्रजापति सहित पूरे यातायात पुलिस बल ने मोर्चा संभाला रखा।
मां नर्मदा का रथ खींच पहुंचे मंत्री, 351 फीट चुनरी की अर्पित
मां नर्मदा प्राकट्योत्सव के अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने रेतनाका से गौरीघाट तक मां नर्मदा की रथयात्रा नंगे पैर खींचते हुए निकाली। गौरीघाट उमाघाट पर उन्होंने संतों के सानिध्य में मां नर्मदा का पूजन-अर्चन व आरती की तथा उमाघाट से गुरुद्वारे तक 351 फीट चुनरी अर्पित की। इस अवसर पर दंडी स्वामी कलिकानंद महाराज, स्वामी गिरीशानंद महाराज, जगद्गुरु स्वामी नरसिंहदेवाचार्य महाराज, स्वामी मुकुंददास महाराज, स्वामी पगलानंद महाराज, रामभारती महाराज, स्वामी केवलपुरी जी महाराज एवं ज्ञानेश्वरी दीदी का सानिध्य रहा। रथयात्रा में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक नीरज सिंह, महानगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, प्रदेश कोषाध्यक्ष संतोष बरकड़े, अखिलेश जैन सहित जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता शामिल हुए। मातृ शक्ति द्वारा कलश यात्रा, बैंडदल, धमाल व दुलदुल घोड़ी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे।
कलेक्टर- एसपी पहुंचे गौरीघाट, लिया जायजा
मां नर्मदा के पावन प्राकट्योत्सव पर गौरीघाट में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने नर्मदा जी के दर्शन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गौरीघाट में पार्किंग, श्रद्धालुओं के आवागमन, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की। मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि नर्मदा प्राकट्योत्सव शांति, सौहार्दपूर्ण और निर्विघ्न तरीके से संपन्न हो।
निर्झरणी महोत्सव में बही भक्ति-लोकसंगीत की निर्झर धारा
माँ नर्मदा के पावन तट पर नर्मदा प्रगटोत्सव के अवसर पर निर्झरणी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, जबलपुर पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद (जेएटीसीसी) तथा नगर परिषद भेड़ाघाट के सहयोग से हुआ। शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष चतुर सिंह लोधी, सीएमओ विक्रम झरिया एवं जेएटीसीसी नोडल अधिकारी राजीव मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। लोकगायक राजेश दुबे (नरसिंहपुर) एवं साथियों ने “नरमदा मइया ऐसी मिली रे…” सहित नर्मदा भक्ति गीतों से समा बांधा। इसके बाद भुवनेश्वर की शर्मिष्ठा रानी पांडा एवं साथियों ने नर्मदाष्टकम पर आधारित ओडिसी नृत्यनाटिका प्रस्तुत की। रागेश्री पल्लवी द्वारा ओडिसी नृत्य तथा समूह राग अनुराग की मीरा-राधा आधारित प्रस्तुति सराही गई। अंतिम प्रस्तुति दामिनी पठारिया (नर्मदापुरम) एवं साथियों की भक्ति गायन रही। उनके भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। संगत में स्पर्श दुबे (की-बोर्ड), उत्कर्ष तिवारी (तबला), विजय गौर (ढोलक), नीरज नील (ऑक्टोपैड), गोपी राजपूत (ढोल), वंश नागले (बेस गिटार), हर्ष बेलिया (लीड गिटार) एवं उदित नारायण तिवारी (कोरस) रहे। कार्यक्रम का संचालन श्याम मोहन शर्मा ने किया। इस अवसर पर पर्यटन प्रबंधक तरुण मिश्र, लक्ष्मी नारायण दुबे, मनीष कोष्टा सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
