
उज्जैन। मामूली विवाद के बाद तराना में फैला सांप्रदायिक तनाव शनिवार को शांत हो गया, बावजूद इसके पुलिस बल तैनात रखा गया है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। हमले में शामिल रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।
गुरुवार शाम को शुक्ला गली में रहने वाले बजरंग दल के सदस्य सोहिल ठाकुर और मिर्जा परिवार के बीच विवाद हो गया था जो सांप्रदायिक तनाव में बदल गया था। गुरुवार शाम कई बसों में तोड़फोड़ कर दी गई थी, दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया था। सोहेल की शिकायत पर सपान मिर्जा, ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ प्राण घातक हमले का प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया था लेकिन शुक्रवार को फिर से तनावपूर्ण माहौल हो गया, एक बस में आग लगा दी गई और दूसरी ओर से जमकर पथराव किया गया। हालात बिगड़ते देख कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरु प्रसाद पाराशर, एसडीओपी भविष्य भास्कर सहित भारी पुलिस बल ने तराना को छावनी बना लिया, फ्लैग मार्च किया गया और शांति की अपील की गई, लेकिन रात में फिर से उपद्रव शुरू हो गया और एक लकड़ी की टाल में आग लगाने के साथ किला मस्जिद के पास खड़ी कारो में आग लगा दी गई। पुलिस ने फिर से मामला शांत कराया और सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। इसके बाद शनिवार को दिन भर माहौल शांत बना रहा देर शाम तक कोई अप्रिय घटना की खबर सामने नहीं आई। पुलिस ने बसों में आग लगाने और पथराव करने वालों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर लिया, इस बीच सोहिल ठाकुर पर हमला करने वाले 6 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। आगजनी और पत्थर बाजी करने वालों की पहचान कर उन्हें
हिरासत में लिया जा रहा है। फिलहाल माहौल पूरी तरह से शांत है लेकिन पुलिस बल तैनात रखा गया है।
नहीं खुला बाजार, लोग दहशत में
शुक्रवार-शनिवार रात हुई आगजानी की घटना के बाद लोग काफी दहशत में आ गए थे। जिसके चलते शनिवार सुबह हालात तो सामान्य रहे लेकिन बाजार बंद रहे। दोनों ही समुदाय के लोग घरों में रहे लेकिन बाजार की स्थिति का पता लगाते रहे, हर जगह पुलिस होने के चलते कोई भी बाहर नहीं निकल रहा था। तराना में 2 दिन से बाजार बंद है और लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
