भू-माफियाओं से लोहा लेना पड़ा भारी? कलेक्टर आदित्य सिंह के तबादले के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

अशोकनगर: क्या जिले में ईमानदारी से काम करना अब गुनाह हो गया है? पूर्व कलेक्टर आदित्य सिंह के अचानक हुए तबादले ने पूरे जिले में एक नई बहस छेड़ दी है।क्योंकि वह लगातार जनहितैषी कार्य करने के साथ भूमाफियाओ पर कार्रवाई कर रहे थे। साथ गरीब, मजदूर वर्ग के सुधार पर विशेष फोकस था, जिसके चलते उन पर रिश्वत जैसे गंभीर आरोप लगाकर उन्हें हटाया गया, यह बाते पूर्व कलेक्टर आदित्य सिंह के समर्थन में आयोजित आमसभा के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक लोगों ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहीं। दरअसल कलेक्टर आदित्य सिंह पर लगे गंभीर आरोपो और उसके बाद उनके स्थानांतर का आदेश आने के बाद आम लोगों ने आदित्य सिंह के पक्ष में सोशल मीडिया पर कैंपन चलाई। तो वहीं शुक्रवार को विमानो के चबूतरा के पास एक जनसभा भी आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न सामाजिक लोग एकत्रित हुए। जहां पर पूर्व कलेक्टर द्वारा किए कार्य जनहितैषी कार्य को याद किया गया। तो वहीं मुख्यमंत्री के नाम नायव तहसीलदार शंभू सिंह मीना को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कलेक्टर आदित्य सिंह के स्थानांतरण आदेश पर पुनः विचार करने की मांग की गई।
शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर किए बेहत्तर कार्यः
आमसभा के दौरान लोग बोले कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में महत्वपूर्ण सुधार किए, जिससे आम लोगों को बेहत्तर स्वास्थ्य मिलना शुरू हुई। तो वहीं बताया कि आदित्य सिंह ने भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और सरकारी व निजी जमीनों से अवैध कब्जे हटवाए। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य विभाग में भी महत्वपूर्ण सुधार किए। आमसभा में मौजूद लोगों का मानना है कि जिले को आदित्य सिंह जैसे कलेक्टर की आवश्यकता है। उनके कार्यकाल में हुए बदलावों को देखते हुए जनता चाहती थी कि वे कुछ और समय तक जिले में रहें ताकि बेहतर काम जारी रह सकें।

मुख्यमंत्री से मांग, ट्रांसफर पर करे पुनर्विचारः ज्ञापन में कहा गया है कि तत्कालीन जिलाधीश आदित्य सिंह का हालिया स्थानांतरण जिले की आम जनता के लिए निराशाजनक है। सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि आदित्य सिंह ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशील प्रशासनिक दृष्टिकोण और जनहितैषी कार्यशैली से जिले के आमजन, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के दिलों में जगह बनाई है। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों, शासकीय विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य किया। जनता ने उनके अचानक स्थानांतरण पर निराशा व्यक्त की है।

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