इंदौर:द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में सरकारी सेवाएं देने पहुंचे कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और मारपीट के दो अलग अलग मामले सामने आए हैं. एक ओर नगर निगम की कचरा गाड़ी के कर्मचारियों से विवाद के बाद हाथापाई हुई, वहीं दूसरी ओर बिजली सप्लाई सुधारने पहुंचे आउटसोर्स कर्मचारी को भी मारपीट का शिकार होना पड़ा. पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के अनुसार पहला मामला नगर निगम की कचरा संग्रहण व्यवस्था से जुड़ा है. वार्ड क्रमांक 15 में कचरा गाड़ी लेकर पहुंचे निगम कर्मचारी विक्की छपरी और हेल्पर आयुष को गुमाश्ता नगर स्थित झूलेलाल मंदिर वाली गली में विरोध का सामना करना पड़ा. बताया जा रहा है कि एक परिवार द्वारा मिक्स कचरा दिए जाने पर कर्मचारियों ने सूखा और गीला कचरा अलग अलग देने की बात कही, जिस पर विवाद बढ़ गया. विवाद के दौरान मयंक और उसके चाचा ने कर्मचारियों से गाली गलौज शुरू कर दी. जब विक्की बीच बचाव और समझाइश के लिए वाहन से नीचे उतरा, तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ और हेल्पर आयुष के साथ मारपीट कर दी.
आरोप है कि कर्मचारियों को गली से तुरंत निकल जाने की धमकी भी दी गई. घटना की सूचना निगम के सहायक सुपरवाइजर सन्नी यादव और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. इसी थाना क्षेत्र में दूसरी घटना बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी के साथ हुई. हवा बंगला पावर हाउस से जुड़े कर्मचारी नयन यादव अपने साथियों के साथ अहीरखेड़ी क्षेत्र में बिजली सप्लाई बंद होने की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे.
इस दौरान वाहन अंदर ले जाने को लेकर स्थानीय व्यक्ति से विवाद हो गया, जिसने गाली-गलौज शुरू कर दी. कुछ ही देर में उसका बेटा भी मौके पर पहुंचा और नयन यादव के साथ मारपीट कर दी. जब अन्य कर्मचारी बचाव में आए तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और विभागीय वाहन पर पथराव की कोशिश की गई. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और नयन यादव की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया. द्वारकापुरी पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में सरकारी कार्य में बाधा और मारपीट के आरोपों की जांच की जा रही है. जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
