
सीहोर/आष्टा। आष्टा में शुक्रवार की शाम एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया. नगर के व्यस्ततम कॉलेज चौराहे के सामने तेज रफ्तार से आ रही दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. हादसा इतना भीषण था कि दोनों बाइक सवार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी. दोनों युवक उछलकर सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन जब तक एम्बुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची, दोनों युवकों की सांसें थम चुकी थीं.
पुलिस के अनुसार कासमपुरा निवासी 24 वर्षीय निलेश पिता मुकेश मालवीय अपनी बाइक से आष्टा-कन्नौद रोड पर जा रहा था. मुखर्जी ग्राउंड के सामने दूसरी बाइक से टक्कर हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि एक का शव उछलकर 150 फीट दूर जा गिरा और बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. इस हादसे में निलेश व दूसरी बाइक पर सवार अज्ञात व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव को पीएम के लिए शासकीय आष्टा सिविल अस्पताल भिजवाया. हादसे की जानकारी मिलने के बाद निलेश के परिजन अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन दूसरे मृतक की शिनाख्त नहीं हो पा रही थी. परिवहन विभाग की वेबसाईट सर्च करने पर बाइक सिद्विकगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खेरनिया निवासी की बताई जा रही थी. आष्टा पुलिस ने जब वहां संपर्क किया तो बाइक के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली, लेकिन देर शाम दूसरे मृतक के बारे में भी पता चल गया. पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दूसरा मृतक जिले के थाना इछावर अंतर्गत आने वाले ग्राम हाल्याखेड़ी निवासी अनार सिंह बताया जा रहा है. पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है वह भी आष्टा रवाना हो चुके हैं.
दोनों बाइक चालक नहीं पहने थे हेलमेट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी. दोनों युवक उछलकर सड़क पर गिर पड़े और गंभीर घायल हो गए. दोनों बाइक सवार मृतक व्यक्ति बिना हेलमेट पहने गाड़ी चला रहे थे और दूसरा उनकी बाइक की गति भी तेज थी. घटना का पता चलते ही लोगों की भीड़ लग गई थी. इससे कुछ देर आष्टा-कन्नौद रोड से आवाजाही प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस ने सडक़ पर खड़े लोगों को अलग किया, तब कही जाकर आवागमन सुचारू चालू हो सका. आष्टा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है. पुलिस अब पता कर रही है कि हादसे की असली वजह आखिर क्या रही.
पूर्व के हादसों से जिम्मेदारों ने नहीं लिया सबक
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज के सामने शाम के समय भारी भीड़ और तेज रफ्तार वाहनों का दबाव रहता है. इसके बावजूद न तो स्पीड ब्रेकर हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की स्थायी व्यवस्था. इससे पहले भी यहां कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने कभी सबक नहीं लिया. हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. इस लोमहर्षक हादसे से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है. एक बार फिर लापरवाह यातायात व्यवस्था और बेलगाम रफ्तार ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
