

धार। भोजशाला में बसंत पंचमी पर मां वाग्देवी की पूजा और जुमे की नमाज साथ-साथ कराई गईं। शुक्रवार सुबह 6 बजे सूर्योदय के साथ ही हिंदू समाज ने सरस्वती पूजन शुरू कर दिया, जो सूर्यास्त तक चला। वहीं, दोपहर में 1 से 3 बजे तक भोजशाला परिसर में ही मुस्लिम समाज ने नमाज अदा की।
इस मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी बरती। भोजशाला परिसर को 6 सेक्टर जबकि शहर को 7 जोन में बांटा गया था। स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स
के 8 हजार से ज्यादा जवान शहरभर में तैनात रहे। ड्रोन और एआई की मदद से कोने-कोने पर नजर रखी गई।
हालांकि, नमाज पढ़ने को लेकर दो दावे सामने आए। जिला प्रशासन ने भोजशाला में ही मुस्लिम लोगों के शांतिपूर्वक नमाज अदा करने की बात कही। वहीं, गुलमोहर कॉलोनी के रहवासियों ने कहा कि डिप्टी कलेक्टर रोशनी पाटीदार, डीएसपी आनंद तिवारी ने उन्हें और उनके साथियों को 16 घंटे तक कमाल मौला मस्जिद में रोककर रखा, लेकिन दोपहर 2 बजे तक उनसे नमाज नहीं पढ़वाई गई।
पीछे की तरफ कुछ लोगों से नमाज पढ़वाकर वीडियो बना लिया गया। इससे अलग, कुछ लोगों के नमाज पढ़ने की तैयारी करते हुए कमाल मौला मस्जिद के भीतर जाने का वीडियो भी सामने आया। इसमें नमाजी पीले रंग की वॉलेंटियर जैकेट पहने दिखे। एक अन्य वीडियो में लोग नमाज पढ़ने के बाद लौटते नजर आए।
सुप्रीम कोर्ट ने दी थी एक साथ पूजा-नमाज की परमिशन
बता दें कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला में पूजा और नमाज के मुद्दे पर बड़ा आदेश दिया था। इसमें हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा करने जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।
कोर्ट ने प्रशासन को पूजा और नमाज के लिए अलग-अलग जगह तय करने, विशेष पास व्यवस्था बनाने और शांति-सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए थे।
