
विदिशा। सरकारी अस्पतालों में बरती जाने वाली लापरवाही एक बार फिर सामने आई है जहां सर्जरी के बाद महिला की बच्चेदानी में कपड़ा और सुई छोड़ दी. महिला को पेट में तेज दर्ज के बाद विदिशा लाया गया जहां पर एक्सरे के बाद पूरी सच्चाई सामने आ सकी. जिले की त्योंदा तहसील स्थित शासकीय अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही का मामला सामने आया है. ग्राम मुराहर निवासी विनोद विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी 26 वर्षीय विशाखा विश्वकर्मा की डिलीवरी के समय डॉक्टरों की लापरवाही
हालम गंभीर, तीन यूनिट लगा ब्लड
बताया जा रहा है कि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है जो अभी तक बेहोशी की हालत में है. महिला को अभी तक तीन यूनिट ब्लड लग चुका है. इस मामले में
के चलते बच्चेदानी में टांके लगाने की सूई तथा रक्तस्त्राव रोकने के लिए उपयोग किए गए कपड़े अंदर ही छोड़ दिए गए, जिससे प्रसूता की हालत गंभीर हो गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनोद विश्वकर्मा अपनी पत्नी को प्रसव की पीड़ा के बाद 19 जनवरी को
सीएमएचओ डाक्टर रामहित कुमार ने बताया मामला सामने आया है. जिसकी जांच के लिए टीम बना दी. जांच रिपोर्ट मिलने पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी.
त्योंदा स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां पर डिलीवरी के दौरान डॉक्टर द्वारा बच्चेदानी में चीरा लगाकर टांके लगाए गए, आरोप है कि इसी दौरान टांके लगाने की सूई बच्चेदानी के अंदर ही रह गई. साथ ही अत्यधिक रक्तस्त्राव रोकने के लिए डाले गए
कपड़े भी बाहर नहीं निकाले गए, इस गंभीर चूक की जानकारी न तो मरीज को दी गई और न ही परिजनों को. शाम लगभग 5 बजे प्रसूता की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रशासन ने वास्तविक कारण बताए बिना महिला को आनन-फानन में जिला अस्पताल रेफर कर दिया. बाद में विदिशा मेडिकल कॉलेज में कराए गए एक्स-रे में बच्चेदानी के भीतर सूई होने की पुष्टि हुई, जिससे प्रसूता के जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया. घटना से आक्रोशित विनोद विश्वकर्मा ने पूरे मामले की
शिकायत विदिशा कलेक्टर कार्यालय एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विदिशा से करते हुए त्योंदा अस्पताल में पदस्थ नदेशिवानी एवं सारिता नामक चिकित्सकीय स्टाफ पर कठोर कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का कहना है कि यह मात्र लापरवाही नहीं, बल्कि प्रसूता की जान से किया गया सीधा खिलवाड़ है। मामले के उजागर होते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.
