युवक की मौत बनी अबूझ पहेली,मौत का राज जानने दर-दर भटक रहा पिता

सीधी। जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत मेडरा निवासी एक युवक की मौत अबूझ पहली बनी हुई है, कारण कि उसके साथ गांव के अन्य लोग भी उस कंपनी में कार्यरत थे लेकिन किसी के द्वारा मृतक के परिजनों को सच्चाई से अवगत नहीं कराया जा रहा है।

घटना के संबंध में मृतक दीपक पनिका के पिता रामप्रसाद पनिका ने स्थानीय मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मेरा बेटा चार वर्ष से लखनऊ उत्तर प्रदेश में महाराष्ट्र की कंपनी भूमि ग्रीन एनर्जी में काम करता था, 13 अक्टूबर 2025 को मेरे पास फोन आया की तुम्हारा बेटा अस्वस्थ है, उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल सराफा गंज हरदोई रोड में भर्ती कराया गया है, तुम आ जाओ, सूचना मिलते ही मैं लखनऊ के लिए रवाना हो गया और उसी मोबाइल फोन पर संपर्क कर हॉस्पिटल पहुंचा, जहां डॉक्टरों से मिल कर जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि वह कोमा में चला गया है,और उसके अगले ही दिन उसकी मृत घोषित कर दिया गया। पिता ने आरोप लगाया है कि कंपनी का जो कर्मचारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था वह भी मेरे पहुंच जाने के बाद छोड़कर चला गया। उसकी मृत्यु के बाद उसका पोस्टमार्टम भी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा नहीं करने दिया गया। बता दें कि दीपक परिवार में इकलौता कमाने वाला था, उसके पिता की उम्र 60 वर्ष से अधिक है, घर की स्थिति को देखते हुए दीपक ही घर की जिम्मेदारियां का निर्वहन करता था मृतक दीपक की दो बहन भी हैं उसकी मौत से पूरा परिवार बिखर गया है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस का कोई सहयोग नहीं मिला, मेरे लिए अभी भी दीपक की मौत एक रहस्य जैसे बनी हुई है। पीड़ित पिता ने बताया कि अस्पताल की जो रिपोर्ट मेरे पास है उसमें यह तो स्पष्ट है कि मेरे पुत्र की आकस्मिक मृत्यु नहीं है यह सोची समझी साजिश है, साजिश का शिकार मेरा पुत्र हुआ है और मुझे न्याय मिलना चाहिए। पिता रामप्रसाद पनिका के अनुसार उसके गांव के ही जो अन्य लोग उस कंपनी में कार्यरत थे अगर उनसे पूछताछ की जाए तो निश्चित ही इस मौत का खुलासा सहज ढंग से हो सकता है।

 

जिला प्रशासन से मदद की गुहार –

 

मृतक दीपक पनिका के पिता रामप्रसाद पनिका ने मीडिया के माध्यम से कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित जिले सांसद विधायक का ध्यान आकृष्ट कराते हुए यह गुहार लगाई है कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ पुलिस से इस घटना की जांच निष्पक्षता पूर्ण कराई जाय एवं कंपनी भूमि ग्रीन एनर्जी द्वारा पीड़ित को आर्थिक मदद दिलाई जाय। पीड़ित पिता ने कहा कि जब तक जिला प्रशासन एवं राजनेताओं द्वारा इस घटना को संज्ञान में नहीं लिया जाएगा तब तक दीपक की मौत का रहस्य नहीं खुल पाएगा, ऐसे में जिला प्रशासन एवं राजनेताओं से विनम्रता पूर्वक न्याय की गुहार लगाते हुए रामप्रसाद पनिका ने पीड़ा व्यक्त की है।

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