गुना: नगर में इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल तब देखने को मिली, जब एक गंभीर रूप से घायल घोड़े से जबरन तांगा खिंचवाया जा रहा था। दर्द से कराहता और कमजोरी के कारण लड़खड़ाता घोड़ा सड़क पर गिरने की कगार पर था, लेकिन तांगा संचालक का रवैया अमानवीय बना रहा।
यह दृश्य देख राष्ट्रवादी संघ के सदस्यों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने करीब दो किलोमीटर तक तांगे का पीछा किया और जयस्तंभ चौराहे पर उसे रोककर घोड़े को इस यातना से मुक्त कराया। घायल घोड़े की हालत देख जब सदस्यों ने आपत्ति जताई तो संचालक बहस पर उतर आया।
संघ ने पहले पशु क्रूरता हेल्पलाइन पर संपर्क किया, लेकिन सहयोग नहीं मिला। इसके बाद डायल-112 पर सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घोड़े को तांगे से उतरवाकर पशु चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया है।संघ ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर बेजुबान जानवरों को न्याय दिलाया जाए।
