
भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार प्रदेश भर में कांग्रेस संगठन मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि 22 जनवरी 2026 निर्धारित की है।
प्रदेश संगठन प्रभारी महासचिव डॉ. संजय कामले ने कहा कि कांग्रेस को आशंका है कि इस प्रक्रिया के दौरान भाजपा द्वारा मतदाता सूची में गड़बड़ी करने, गलत नाम जोड़ने या वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास किए जा सकते हैं। लोकतंत्र और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिला अध्यक्षों, विधायकों, विधानसभा प्रत्याशियों और जिला निर्वाचन कार्य प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे 19 जनवरी 2026 को अनिवार्य रूप से जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा कलेक्टर से मुलाकात कर निर्वाचन कार्यालय में प्राप्त फॉर्म-07 की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि केवल वही फॉर्म-07 मान्य होंगे जिन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत किया गया हो और नियमों के अनुसार एक बूथ पर एक दिन में अधिकतम 15 फॉर्म-07 ही स्वीकार किए जाएं।
किसी भी प्रकार से गलत नाम जोड़ने या हटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। निर्वाचन आयोग के नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तत्काल औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। अंतिम तीन दिनों में प्रत्येक बूथ पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, क्योंकि इस अवधि में बड़े स्तर पर अनियमितताओं की आशंका रहती है।
डॉ. कामले ने कहा कि मतदाता सूची से छेड़छाड़ लोकतंत्र पर सीधा हमला है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता बूथ स्तर तक निगरानी रखेंगे और किसी भी अनियमितता की तुरंत शिकायत निर्वाचन आयोग से की जाएगी। एसआईआर प्रभारी सज्जन सिंह वर्मा के नेतृत्व में चुनावी अनियमितताओं को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
