नागपुर के जामठा स्टेडियम में 21 जनवरी को होने वाला मुकाबला केवल एक मैच नहीं, बल्कि भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव के करियर का सबसे बड़ा ‘एसिड टेस्ट’ है।
21 जनवरी की शाम जामठा स्टेडियम की फ्लड लाइट और सामने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी। मंच सजा है, निगाहें टिकी हैं और सवाल सिर्फ एक- क्या सूर्यकुमार यादव नागपुर में फिर से वही ‘मिस्टर 360’ बन पाएंगे, जिसने दुनिया के गेंदबाज़ों को थर्राया था? यह सिर्फ न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला नहीं होगा।
यह सूर्या के लिए आंकड़ों, आलोचनाओं और उम्मीदों से भरी उस सुरंग का आखिरी मोड़ है, जहां से या तो वापसी होगी या बहस और गहरी होगी। पिछले एक साल से टीम इंडिया के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्ला खामोश है। 2025 का पूरा साल खराब फॉर्म में गुजर गया और 2026 की शुरुआत भी राहत देने वाली नहीं रही। विजय हजारे ट्रॉफी (लिस्ट-ए) में भी रन नहीं आए, जिससे चयनकर्ताओं और प्रशंसकों की चिंता और गहरी हो गई है।
