ग्वालियर: कट्टर सिंधिया समर्थक और प्रदेश की पूर्व मंत्री इमरती देवी का निगम मंडल और प्राधिकरणों में होने वाली नियुक्तियों को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार उन्हें निगम मंडल में मौका देती है, तो वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से जनता की सेवा करने के लिए तैयार हैं। इमरती देवी ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले उन्हें निगम मंडल में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा चुका है और उन्होंने उस जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाया था।
हालांकि जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या इस विषय में वरिष्ठ नेतृत्व या आलाकमान उनसे संपर्क में है, तो वह इस सवाल से बचती हुई नजर आईं। उन्होंने इशारों में कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल को लेकर उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है और न ही यह पता है कि आगे क्या निर्णय लिया जाएगा। दरअसल, प्रदेश में निगम मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही हैं। इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में कहा था कि जल्द ही नियुक्तियां की जाएंगी। इसके बाद से कई नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं।
इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार के रुख को लेकर जब मंत्री तुलसी सिलावट से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि यह फैसला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और यह पूरी तरह से हाईकमान का विषय है। वहीं कांग्रेस ने नियुक्तियों में हो रही देरी को भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता राम पांडेय का कहना है कि नियुक्तियां न होने से प्रदेश की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और आगे यह देखना अहम होगा कि किन गुटों को कितनी अहमियत मिलती है।
