
सिवनी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए समनापुर खरीदी केंद्र में दबिश दी। यहाँ धान की तुलाई के बाद भुगतान हेतु चालान जारी करने के बदले रिश्वत ले रहे कंप्यूटर ऑपरेटर और सेल्समैन को रंगे हाथों पकड़ा गया। यह कार्यवाही पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश एवं पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में जबलपुर लोकायुक्त टीम द्वारा की गई।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम भौमाटोला निवासी आवेदक दुर्गेश चंद्रवंशी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने अपनी धान की फसल खरीदी केंद्र पर बेच दी थी। धान की तुलाई होने के बाद भुगतान के लिए आवश्यक ‘चालान’ देने के एवज में सेवा सहकारी समिति उड़ेपानी के सेल्समैन (खरीदी प्रभारी) हसीब अंसारी द्वारा 1800 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
रंगे हाथों पकड़ा गया सह-आरोपी
शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने जाल बिछाया। गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को जैसे ही आवेदक दुर्गेश चंद्रवंशी ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 1500 रुपये कंप्यूटर ऑपरेटर (दैनिक वेतन भोगी) मुकेश ठाकुर को थमाए, वैसे ही सतर्क खड़ी लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
इन पर हुई कार्यवाही
लोकायुक्त पुलिस ने मुख्य आरोपी हसीब अंसारी और सह-आरोपी मुकेश ठाकुर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7, 12, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
ट्रैप दल की भूमिका:
इस सफल कार्यवाही में निरीक्षक शशिकला मस्कुले, टी.एल.ओ. निरीक्षक जितेन्द्र यादव और लोकायुक्त जबलपुर के अन्य सदस्य शामिल रहे। आरोपियों से पूछताछ कर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।
