शराब घोटाले मामले में पूर्व मंत्री लखमा, अन्य को दी अंतरिम जमानत

नयी दिल्ली, 15 जनवरी (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री कवासी लखमा और करोड़ों रुपये के शराब घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों को सोमवार को अंतरिम जमानत देते हुए निर्देश दिया कि उनकी याचिकाओं को विस्तृत विचार के लिये मुख्य मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाये।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की और याचिकाकर्ताओं को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। उच्चतम न्यायालय ने संकेत दिया कि उठाए गए मुद्दों की अंतिम सुनवाई के समय व्यापक रूप से जांच की जाएगी। राज्य की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने जल्द सुनवाई का विरोध किया और कहा कि जांच अभी भी जारी है। उन्होंने तर्क दिया कि इस मामले में मंत्रियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग का आरोप है। श्री जेठमलानी ने दावा किया कि आरोपियों ने सरकारी खजाने को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

मुख्य न्यायाधीश ने रिकॉर्ड पर रखे गये हलफनामे का जिक्र करते हुए इस आरोप पर ध्यान दिया कि याचिकाकर्ता को कमीशन के तौर पर 64 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें से 4.6 करोड़ रुपये कथित तौर पर पार्टी से संबंधित गतिविधियों के लिये और लगभग 10 करोड़ रुपये व्यक्तिगत संपत्ति के लिए इस्तेमाल किये गये थे। इसमें उनके और उनके बेटे के घर शामिल हैं। पीठ ने यह भी कहा कि सुश्री साहू सहित कुछ अधिकारियों के खिलाफ आरोप अधिक गंभीर बताये गये हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि कई आरोपी पहले से ही जमानत पर हैं। उन्होंने बताया कि 1,100 से अधिक गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है और छह आरोप पत्र दायर किये गये हैं। उन्होंने कार्यवाही के इस चरण में लगातार हिरासत में रखने के औचित्य पर सवाल उठाया। पीठ ने अंतरिम जमानत देते हुए आरोपों की गंभीरता पर जोर दिया और कहा कि इस मामले में “उच्चतम स्तर” पर कथित संलिप्तता शामिल है। पीठ ने स्पष्ट किया कि मुख्य मामलों पर उचित समय पर पूरी सुनवाई की जाएगी।

Next Post

चावल, गेहूं नरम; चीनी के दाम बढ़े; दालों, खाद्य तेलों में घट-बढ़

Thu Jan 15 , 2026
नयी दिल्ली, 15 जनवरी (वार्ता) घरेलू थोक जिंस बाजारों में गुरुवार को चावल के औसत भाव गिर गये। गेहूं में भी गिरावट रही। चीनी की कीमतों में तेजी देखी गयी जबकि दालों और खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा। औसत दर्जे के चावल की औसत कीमत 55 रुपये घटकर […]

You May Like