विदिशा: पुलिस पंचायत में सीनियर सिटीजन से संबंधित विभिन्न सामाजिक, पारिवारिक एवं संपत्ति विवादों की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई की गई। इस अवसर पर सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत के सदस्यों को परिचय पत्र (आई कार्ड) प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि वे अब पुलिस पंचायत परिवार का हिस्सा हैं और किसी भी कठिन परिस्थिति में पुलिस पंचायत उनके साथ खड़ी है. एक महाविद्यालय से सेवानिवृत्त सीनियर सिटीजन को उनकी संपत्ति को लेकर दबाव में लिया जा रहा था.
पीड़ित द्वारा पुलिस पंचायत में आवेदन कर सदस्यता परिचय पत्र प्राप्त किया गया. जब उन्होंने यह परिचय पत्र अनावेदक को दिखाया औरपंचायत में शिकायत करने की बात कही, तो अनावेदक के व्यवहार में तत्काल परिवर्तन आया. न केवल प्रस्ताव वापस लिया गया, बल्कि सीनियर सिटीजन से क्षमा याचना भी की गई. इसी तरह विदिशा निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने आवेदन देकर बताया कि पति के स्वर्गवास के बाद वह अकेली हैं, बेटियां बाहर रहती हैं और परिजन मकान पर कब्जा कर उसे बेचने से रोक रहे हैं.
दोनों पक्षों को सुनते हुए प्रकरण के कानूनी, नैतिक एवं भावनात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. वैधानिक स्थिति स्पष्ट कर संभावित निराकरण के विकल्प बताए गए. पारिवारिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए परामर्श के उपरांत मकान विक्रय पर 20 प्रतिशत राशि दिए जाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी. वहीं एक अन्य मामले में शहर समीप ग्राम निवासी सीनियर सिटीजन ने आवेदन देकर बताया कि पत्नी व पुत्र के निधन के बाद वह अकेले हैं.
पुत्रवधू को भूमि व मकान दिए जाने के बावजूद उनके द्वारा मानसिक प्रताड़ना व पैसों की मांग की जा रही है. प्रकरण की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को समझाइश दी गई तथा आवेदक को किसी प्रकार से परेशान न किए जाने के निर्देश दिए गए,बुजुर्ग को पुलिस पंचायत का संपर्क नंबर प्रदान कर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया गया. इसके अतिरिक्त अन्य प्रकरणों में भी सुनवाई की गई. एसपी रोहित काशवानी के निर्देश पर गठित पुलिस पंचायत की साप्ताहिक बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. बैठक में पुलिस पंचायत कोर कमेटी सदस्य आर कुलश्रेष्ठ, प्रमोद व्यास, डॉ. सचिन गर्ग, विनोद शाह, डीके. वाजपेयी एवं पार्थ पितलिया उपस्थित रहे.
