सतना :एक ओर जहां मकर संक्रांति के पर्व पर धर्म नगरी में स्नान-दान करने के लिए श्रद्धालुओं का जमघट लगना शुरु हो गया वहीं दूसरी ओर सतना से चित्रकूट की ओर जा रही एक यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण यात्रियों के बीच दहशत फैल गई. बस पलटने के कारण दर्जन भर यात्री घायल हो गए. जिनमें से 4 लोगों को सिर में चोट आने के कारण जिला चिकित्सालय सतना के लिए रेफर कर दिया गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार यात्रियों से भरी नफीस बस सर्विस की बस मंगलवार की दोपहर सतना से चित्रकूट की ओर रवाना हुई. बताया गया कि यात्री बस जैसे ही मझगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत चितहरा मोड़ के निकट हजार पुल के पास पहुंची वैसे ही अचानक अनियंत्रित होते हुए पलट गई. बस पलटते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई. घटना होती देख आस पास मौजूद लोग भागकर वहां पहुंचे. आनन-फानन में पुलिस को सूचना दिए जाने के साथ ही स्थानीय रहवासियों द्वारा यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया.
वहीं कुछ देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा घायल यात्रियों को उपचार के लिए मझगवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. जहां पर दर्जन घायलों को भर्ती कर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. धनंजय सिंह और डॉ. दिवाकर सिंह द्वारा स्टॉफ के सहयोग से उपचार शुरु किया गया. हाथ-पैर व सिर में चोट लगने की वजह से वेद प्रकाया पटेल 34, बालेंद्र 28, गीता पटेल 35 और विजय शिवहरे 36 को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय सतना के लिए रेफर कर दिया गया.
जबकि जसविंदर सिंह 32, नीतू शिवहरे 28, प्रिया ओझा 29, मनसीरत 34, अंजू 35, सुंदरी 21 और जसविंदर कौर 35 सहित अन्य घायलों का उपचार सीएचसी में ही किया गया. यात्रियों के अनुसार बस की गति काफी तेज थी. वहीं सडक़ पर गड्ढे से बचने के लिए चालक ने अचानक ही स्टेयरिंग मोड़ दी. जिसके चलते देखते ही देखते बस अनियंत्रित होकर पलट गई. यह जानकारी सामने आने पर पुलिस द्वारा बस चालक के विरुद्ध लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का प्रकरण दर्ज कर लिया गया व विवेचना की जा रही है.
सहारा बने थाना प्रभारी
दो बोरी गेहूं सहित ग्रहस्थी का अन्य सामान लेकर सतना से चित्रकूट की ओर जाने के लिए निकली एक अधेड़ महिला के सामने उस वक्त गंभीर समस्या खड़ी हो गई जब बीच रास्ते में ही बस पलट गई. हलांकि बस दुर्घटना में अधेड़ महिला को मामूली चोट ही आई थी, लेकिन मौजूद संकट से निकलकर घर पहुंचने का कोई चारा उन्हें नजर नहीं आ रहा था. इसी दौरान जब महिला के परिजनों का फोन आया तो वे फूट-फूट कर रोने लगीं. जिसे सुनकर मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे वहां पहुंचे और महिला को सहारा देते हुए सांत्वना दी. समस्या को सुनने-समझने के बाद थाना प्रभारी द्वारा महिला को सामान सहित उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई
