अशरफ अली
भोपाल: मकर संक्रांति का असर अब सिर्फ आसमान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजारों में भी इसका रंग साफ झलकने लगा है। पर्व के नजदीक आते ही शहर के प्रमुख इलाकों में पतंगों की दुकानों पर चहल-पहल बढ़ गई है। रंग-बिरंगी पतंगें, मजबूत मांझा और चमचमाती चर्खियां बाजारों को त्योहारनुमा रूप दे रही हैं।
इस बार मकर संक्रांति बच्चों के साथ-साथ युवाओं को भी खासा आकर्षित कर रही है। परिवार और दोस्तों के साथ लोग पतंग बाजारों का रुख कर रहे हैं और अपनी पसंद की पतंगें खरीद रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मांग बेहतर है, जिससे कारोबार में नई ऊर्जा आई है।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार मकर संक्रांति उनके लिए उम्मीदों का त्योहार है। पतंगों की बढ़ती बिक्री से छोटे दुकानदारों को भी अच्छी आमदनी की आस बंधी है। वहीं अभिभावक बच्चों की खुशी और त्योहार के उल्लास को देखते हुए जमकर खरीददारी कर रहे हैं।
कुल मिलाकर मकर संक्रांति से पहले ही भोपाल के बाजार उत्सव के रंग में रंग चुके हैं, जहां पतंगें सिर्फ उड़ान भरने के लिए नहीं, बल्कि खुशियों और व्यापार दोनों को नई ऊंचाई देने का माध्यम बन गई हैं।
