जंगल में आग से जला मिला वनरक्षक का शव परिजनों ने हत्या की जताई शंका

(विनय असाटी) दमोह। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की रेंज झापन के जंगलों में एक वन रक्षक का शव जला अवस्था में मिला.

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है जंगल में आग लग गई थी उसी को बुझने वनकर्मी गया था और आग में झुलस गया और उसकी मौत हो गई.

वहीं जब परिजन पहुंचे तो उनका कहना है आग लगी नहीं है उनकी हत्या करके ये पूरी कहानी बनाई गई है.

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का क्षेत्र तीन जिलों में फैला है, इसकी दो रेंज सर्रा और झापन दमोह जिले में आती है.झापन रेंजर में जिस जगह यह घटना हुई है, वह जमुनझिरी का ऊपर पार नामक क्षेत्र है.जो

तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आता है. शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात वन विभाग के वनरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. झापन रेंज में जंगल में आग लगने की सूचना मिलने पर रेंजर नितेश दाहिया वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे.

इसी दल में दमोह शहर की जटाशंकर कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय वनरक्षक सुंदरलाल जैन पिता सुखचंद जैन भी शामिल थे. जो आग बुझने गये थे बाद में उसका शव जला हुआ मिला.

रेंजर नितेश दाहिया के अनुसार, कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हुए थे, जबकि सुंदरलाल जैन पीछे-पीछे चल रहे थे.इसी दौरान वह अचानक आग की चपेट में आ गए. जिससे उनकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है.

घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने इसे संदिग्ध बताते हुए अनहोनी की आशंका जताई है.सूचना मिलते ही तेजगढ़ थाने की चौकी इमलिया पुलिस भी मौके पर पहुंची.वहीं उसी ने शव जो जिला अस्पताल के शव गृह से शनिवार सुबह जिला अस्पताल में पंचनामा कार्यवाही इमलिया पुलिस चौकी प्रआ हीरालाल द्वारा की गई और पोस्टमार्टम कराया गया.इसके बाद मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है.

*हत्या का आरोप*

मृतक सुंदरलाल जैन के चचेरे भाई हेमंत जैन ने भाई की हत्या कराने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि विभागीय कर्मचारियों के द्वारा ही उनके भाई की हत्या की गई है. साक्ष्य मिटाने के लिए शरीर को झूलसाया गया है. सिर में गंभीर चोट है जिससे उन्हें अंदेशा है कि उनके भाई की हत्या की गई है.वह चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए.

परिजनों द्वारा लगाये गये आरोपों के बाद वनरक्षक का शव सागर भेजा गया है.

पूरे मामले में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के एसडीओ बीपी तिवारी ने बताया की शव को पोस्टमार्टम के लिए सागर ले जाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि दमोह में डॉक्टर के द्वारा बताया गया है कि सिर में एक घाव है.इसकी वजह से पोस्टमार्टम सागर में किया जाएगा. जहां फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में जांच कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा. परिजनों के आरोपों की भी जांच की जाएगी.

इमलिया चौकी प्रभारी अक्षेंद्रनाथ ने बताया घटना झापन तेज के ऊपर पार नामक स्थान की हैं.वनरक्षक मृतक अवस्था में मिले थे,पुलिस के सहयोग से उनका शव जिला अस्पताल भेजा गया था. किन्तु परिजनों ने आरोप लगाये है इसलिए पोस्टमार्टम हेतु शव सागर भेजा गया है.

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