
प्रवेश कुमार मिश्र नई दिल्ली। पिछले दिनों ईडी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच हुई नोंक-झोंक के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में अचानक नया मोड़ आ गया है. जहां एक तरफ टीएमसी इसे राजनीतिक संजीवनी के तौर पर इस्तेमाल करने में जुटी हुई है वहीं दूसरी ओर सत्ता संघर्ष में कल तक भारी पड़ रही भाजपा बदले हालात का अवलोकन कर अब फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है.
राजनीतिक जानकारों की मानें तो ममता का ईडी से सीधे भिड़ंत कोई सामान्य कदम नहीं माना जा सकता है. पारिस्थितिक हालात का सही समय पर आंकलन कर अपने जुझारू स्वभाव के साथ मैदान में उतरने से ममता को कई मायनों में अपने समकालीन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से आगे कर दिया है. कुछ दिन पहले तक भाजपा की आक्रामक रणनीति के आगे विभिन्न मोर्चों पर लगातार पिछड़ती जा रही टीएमसी को ईडी के साथ टकराव और उसके राजनीतिकरण ने नई उर्जा के साथ ताकत दे दी है. टीएमसी के नेताओं ने कोलकाता की सड़कों से लेकर दिल्ली तक जिस तरह से मोर्चाबंदी की है उसके बाद यह कहा जा रहा है कि ममता ने आपदा में अवसर निकालकर राजनीतिक लड़ाई की दिशा बदलने का प्रयास कर दिया है. जानकार बता रहे हैं कि ममता ने जिस तरह से आई-पैक और ईडी के बीच के विषय को राजनीतिक आधार देते हुए इस पूरे प्रकरण से भाजपा को जोड़ने का प्रयास किया है उससे भाजपाई रणनीतिकारों का असहज होना स्वाभाविक है. ममता ने एक बार फिर अपने द्वारा रचित प्रख्यात नारा ‘मां माटी मानूश’ को पंख देते हुए टीएमसी के राजनीतिक संघर्ष को बंगाल की अस्मिता से जोड़कर जनभावना को उभारने का प्रयास किया है.
हालांकि भाजपाई रणनीतिकार उक्त प्रकरण से किसी भी तरह से होने वाले राजनीतिक नुकसान का आंकलन कर अपने प्रवक्ताओं के माध्यम से ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उनकी मुहिम पर पानी फेरने के प्रयास में लग गए हैं. बताया जा रहा है कि भाजपाई रणनीतिकार पूर्व के राजनीतिक अनुभवों को आधार बनाकर सबसे पहले इस लड़ाई को बंगाली अस्मिता जैसे भावनात्मक पक्ष के साथ जोड़ने के टीएमसी के प्रयास को रोकते हुए इस मामले को भ्रष्टाचार से जोड़कर ममता को सीधे तौर पर राजनीति के साथ-साथ कानूनी मोर्चों पर घेरने की तैयारी कर रहे हैं.
बहरहाल, टीएमसी द्वारा सत्ता बचाने व भाजपा द्वारा सत्ता पाने के बीच जारी राजनीतिक लड़ाई का हश्र क्या होगा , यह कहना मुश्किल है लेकिन ईडी द्वारा तय किए गए छापों के समय को लेकर राजनीतिक बहस जारी है.
