मुंबई | 10 जनवरी, 2026: बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने हाल ही में मां बनने के बाद के अपने अनुभवों और पोस्टपार्टम फेज की चुनौतियों पर खुलकर बात की है। एक्ट्रेस ने बताया कि वह मां बनने के बाद के शुरुआती दो महीने पूरे कर चुकी हैं और अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। परिणीति के अनुसार, इस संवेदनशील दौर में मानसिक स्वास्थ्य और मेडिटेशन उनके लिए संजीवनी साबित हुए हैं। उनका मानना है कि शरीर वही प्रतिक्रिया देता है जैसा हमारा मन सोचता है; इसलिए सकारात्मक सोच और मानसिक स्थिरता इस फेज में सबसे अधिक आवश्यक है।
अपनी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा साझा करते हुए परिणीति ने बताया कि वह सुबह उठते ही फोन से पूरी तरह दूरी बनाए रखती हैं। उनका कहना है कि सुबह-सुबह सोशल मीडिया स्क्रॉल करने से दिमाग सुन्न हो जाता है और दिनभर के मूड पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसके बजाय, वह सुबह का समय खुद को देती हैं, जिसमें संगीत सुनना, प्रकृति के करीब रहना और पक्षियों की चहचहाहट सुनना शामिल है। परिणीति का मानना है कि थोड़ा समय ‘बोर’ होना भी दिमाग को शांत करने और रचनात्मक ऊर्जा को वापस पाने के लिए जरूरी है।
परिणीति चोपड़ा ने खुलासा किया कि उनके दिन की शुरुआत हनुमान चालीसा या ‘नमामि शमीशम’ जैसे मंत्रों के जाप से होती है, जो उन्हें दिनभर आने वाली चुनौतियों से लड़ने की शक्ति देते हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि वह सुबह बिस्तर से किसी फिल्म के स्लो-मोशन सीन की तरह एक ‘हीरोइन’ की तरह उठना पसंद करती हैं। अभिनेत्री की यह नई लाइफस्टाइल न केवल उनके प्रशंसकों को प्रेरित कर रही है, बल्कि नई माताओं को यह संदेश भी दे रही है कि बच्चे की देखभाल के साथ-साथ खुद की मानसिक शांति का ध्यान रखना कितना अनिवार्य है।

