नयी दिल्ली 09 जनवरी (वार्ता) विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी के यहां तिहाड़ जेल में बंद भारतीय छात्र उमर ख़ालिद को लिखे गए पत्र पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें इन बातों के बजाय मेयर के रूप में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां साप्ताहिक ब्रीफिंग में इस संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा, ” हम अपेक्षा करते हैं कि जन प्रतिनिधि अन्य लोकतंत्रों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करें। व्यक्तिगत पूर्वाग्रह व्यक्त करना पद पर आसीन लोगों को शोभा नहीं देता। ऐसी टिप्पणियों के बजाय, उनके लिए यह बेहतर होगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करें।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आलोचक रहे श्री ममदानी ने पूर्व जेएनयू छात्र और कार्यकर्ता उमर ख़ालिद को एक व्यक्तिगत पत्र लिखा था। उमर खालिद 2020 से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
श्री ममदानी ने लिखा, “मैं अक्सर आपकी कड़वाहट पर कही गई बातों के बारे में सोचता हूं और इस बात के महत्व पर कि उसे स्वयं पर हावी न होने दिया जाए। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सभी आपके बारे में सोच रहे हैं।”
श्री ममदानी न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम और भारतीय मूल के पहले मेयर हैं, जो अमेरिका का सबसे बड़ा शहर है। उनकी मां प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर हैं।
रिपोर्टों के अनुसार ममदानी ने गत दिसंबर में न्यूयॉर्क में उमर ख़ालिद के माता-पिता सैयद क़ासिम रसूल इलियास और साहिबा ख़ानम से मुलाकात की थी।
श्री ममदानी का हस्तलिखित पत्र ऐसे समय सामने आया जब अमेरिका के आठ डेमोक्रेटिक सांसदों ने भारत के राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर उमर ख़ालिद को ज़मानत दिए जाने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप निष्पक्ष एवं समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करने की अपील की थी।
