आईटीआई कन्या छात्रावास में हालात अच्छे नहीं, छात्राओं ने किया प्रदर्शन

सीहोर। बीच सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रही छात्राओं का लहजा देखकर प्रतीत हो रहा था कि वह लंबे समय से अव्यवस्थाओं से जूझकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर थीं. एक दिन पहले जनसुनवाई में दिए गए ज्ञापन का भी जब कोई असर नहीं हुआ तो बुधवार को वह सड़कों पर उतर आईं. हाईवे को जाम करते हुए उन्होंने प्रशासन को उनकी बात सुनने को बाध्य कर दिया. लगभग एक घंटे तक हाईवे पूरी तरह जाम रहा.

महिला आईटीआई की छात्राओं की समस्याओं का निराकरण करवाने के लिए आखिरकार बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आगे आया और छात्राओं के साथ सड़क पर आकर प्रदर्शन किया. अभाविप ने शासकीय अम्बेडकर महिला आईटीआई कॉलेज की छात्राओं को लेकर भोपाल नाका पर पुराने हाईवे पर बैठकर जाम लगा दिया. करीब एक घंटे तक छात्राओं और अभाविप के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. जिससे भोपाल नाका से बस स्टैंड तक जाम लग गया. हालांकि चाणक्यपुरी तरफ से आने वाले वाहनों को कॉलेज के पास से न्यायालय के सामने से बस स्टैंड पहुंचाया गया.

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और अभाविप कार्यकर्ताओं के बीच रास्ता खोलने के लिए नोंक-झोंक भी हुई. विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता इस बात पर अड़े थे कि जिम्मेदार अधिकारी यहां आएं और छात्राओं की परेशानियों का निराकरण करें. करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद आखिरकार तहसीलदार अमित सिंह मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं. इसके बाद मौके पर आईटीआई कॉलेज के प्राचार्य भी पहुंचे. उन्होंने शीघ्र ही छात्राओं की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया. जिसके बाद अभाविप कार्यकर्ता और छात्राओं ने रास्ता खोला और फिर आवागमन सामान्य हो सका. हालांकि पुलिस द्वारा पहले से ही वाहनों को दूसरे रास्ते पर डायवर्ट कर दिया गया था जिसकी वजह से कुछ ही देर में यातायात सामान्य हो गया था, लेकिन इस दौरान स्कूली वाहनों के जाम में फंसे रहने के कारण छोटे बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.

चक्काजाम से पहले आईटीआई में लगाया ताला

कई दिक्कतों से जूझ रही छात्राओं की परेशानी को देखते हुए अभाविप कार्यकर्ता सुबह के समय आईटीआई कॉलेज पहुंचे. लेकिन यहां प्राचार्य नहीं मिले. ऐसे में अभाविप के साथ छात्राओं ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया. जब कोई नहीं आया तो वे प्राचार्य के कक्ष में पहुंचे तथा प्राचार्य लापता के पोस्टर चिपकाकर आए. इसके बाद कॉलेज में तालाबंदी कर दी गई. करीब 2 घंटे से ज्यादा यहां छात्राएं बैठी रहीं, लेकिन उनकी बात सुनने कोई नहीं आया. ऐसे में अभाविप के साथ छात्राओं ने पुराने हाईवे पर पहुंचकर जाम लगाकर प्रदर्शन किया.

कई बार ज्ञापन दिए पर समस्या नहीं सुलझ सकी

अभाविप ने आईटीआई कॉलेज की छात्राओं की तरफ से 8 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. अभाविप का कहना था कि छात्राओं की समस्याओं को लेकर 15 जुलाई से ही ज्ञापन दिए जा रहे हैं. इसके बाद 15 अगस्त को भी अभाविप ने ज्ञापन दिया था, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. इतना ही नहीं एक दिन पहले मंगलवार को छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जन-सुनवाई में शिकायत की थी, लेकिन फिर भी किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया. जिसके चलते उन्हें छात्राओं के हित के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है.

प्रदर्शन शुरू होते ही आरओ का कनेक्शन लगा

बुधवार को एबीवीपी के साथ मिलकर किए जा रहे छात्राओं के प्रदर्शन से शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन यदि अभाविप यह प्रदर्शन नहीं करता तो छात्राओं की समस्याओं पर भी किसी का ध्यान नहीं जाता. आश्चर्य की बात है कि इतने दिनों से वहां पीने के पानी के लिए आरओ तो लगा था, लेकिन उसका कनेक्शन नहीं हो पा रहा था, जो बहुत बड़ा काम नहीं था. लेकिन जैसे ही अभाविप ने रास्ता बंद कर चक्का जाम किया, वैसे ही आईटीआई के छात्रावास में आरओ का कनेक्शन हो गया. यानी कि छोटी-छोटी बातों के लिए जिले के प्रशासन को चक्का-जाम की भाषा ही समझ में आती है.

छात्राओं ने रखी अपनी मांगें

महाविद्यालय के प्राचार्य की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए. छात्रावास भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. छात्रावास के वॉशरूम की स्थिति भी बहुत ज्यादा खराब हैं. यहां सफाई नहीं होती है. महाविद्यालय एवं छात्रावास में पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है एवं वाटर कूलर में गंदगी हो रही है. महाविद्यालय परिसर एवं छात्रावास में गार्ड की नियुक्ति नहीं की गई है. छात्रावास के वार्डन के आवास छात्रावास में ही होना चाहिए.

15 दिन में दुरस्त कर देंगे सभी व्यवस्थाएं

मूलभूत सुविधाएं, भोजन, पेयजल, शौचालय और आवास की सुविधा को लेकर छात्राओं ने प्रदर्शन किया है. जिन समस्याओं का तुरंत निराकरण किया जा रहा है उन्हें एक या दो दिन में पूरा कर दिया जाएगा. शेष मांगों को 15 दिनों में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। वाटर कूलर सुधरवा दिया गया है.

डॉ. अमित सिंह , तहसीलदार सीहोर

 

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