नई दिल्ली | 07 जनवरी, 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी केंद्रीय बजट से देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों को ऐतिहासिक राहत मिलने की उम्मीद है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत मूल छूट सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है। इसके अलावा, धारा 80TTB के तहत बैंक और पोस्ट ऑफिस ब्याज पर मिलने वाली 50,000 रुपये की कटौती को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने पर विचार चल रहा है। यह कदम सीधे तौर पर उन बुजुर्गों को लाभान्वित करेगा जो अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से मिलने वाले ब्याज पर निर्भर हैं।
चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार धारा 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली टैक्स छूट को 50,000 से बढ़ाकर 75,000 या 1 लाख रुपये तक कर सकती है। साथ ही, गंभीर बीमारियों के इलाज (80DDB) के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त कटौती की सीमा में भी बढ़ोतरी संभव है। इन बदलावों का उद्देश्य उन बुजुर्गों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है जिनके पास पर्याप्त बीमा कवर नहीं है। इसके साथ ही, टीडीएस (TDS) कटौती की सीमा में ढील देकर सरकार वरिष्ठ नागरिकों को रिफंड की लंबी प्रक्रिया से मुक्ति दिलाने का प्रयास भी कर रही है।
पिछले बजट में सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की निवेश सीमा को 30 लाख रुपये किया गया था, जिसे इस बार और अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है। चर्चा है कि प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) को एक नए और सुधरे हुए स्वरूप में फिर से लॉन्च किया जा सकता है ताकि बुजुर्गों को नियमित पेंशन का एक सुरक्षित विकल्प मिल सके। निवेश की अवधि में लचीलापन और ब्याज दरों में स्थिरता जैसे कदम वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को वित्तीय रूप से अधिक सुगम बनाएंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर होकर अपना जीवन यापन कर सकेंगे।

