भोपाल। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके ने जल जीवन मिशन को महिलाओं के जीवन में आया बड़ा सामाजिक बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि विभाग केंद्र सरकार की समय-सीमा से पहले ही मिशन को पूरा करेगा। अपने अनुभव साझा करते हुए मंत्री ने कहा कि कभी वे खुद सिर पर गुंडी रखकर दो किलोमीटर दूर तालाब से पानी लाती थीं। पानी भरने में इतना समय चला जाता था कि न पढ़ाई हो पाती थी और न ही कोई और काम।
अब घर-आंगन में नल से पानी मिलने से महिलाओं का समय बच रहा है। इस समय का उपयोग वे स्वरोजगार में कर रही हैं। कहीं पार्लर खुल रहे हैं, तो कहीं सिलाई-कढ़ाई और किराना दुकानों से आय के नए साधन बन रहे हैं। मंत्री ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 13 हजार से अधिक ग्रामीण नल-जल योजनाओं में से 10 हजार से ज्यादा पंचायत विभाग को सौंप दी गई हैं। तकनीकी स्टाफ की कमी स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि सिंगल विलेज योजनाएं 2026 और सामूहिक योजनाएं 2027 तक पूरी कर ली जाएंगी।
