रायपुर,06 जनवरी (वार्ता) छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात की है। लखमा शराब घोटाले के आरोपी के तौर पर जेल में बंद हैं, इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से दो जनवरी को जमानत मिली है,जमानत मिलने के दूसरे दिन रायपुर सेंट्रल जेल से उन्हें रिहा किया गया था।
चैतन्य बघेल के बारे में जब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का फैसला आया तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे “सत्य की जीत” बताया था। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था, “सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं हो सकता।” ऐसे बयानों पर प्रतिक्रिया देते भाजपा के प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा था कि यदि चैतन्य बघेल को जमानत मिलना सत्य की जीत है तो क्या पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जमानत नहीं मिलने का ये मतलब है कि वह शराब घोटाला के दोषी हैं।
भाजपा प्रवक्ता के बयान पर आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया साईट एक्स पर लिखा कि कुछ भाजपा नेताओं के मुंह से अब सच निकल रहा है, आदिवासियों की आवाज़, निर्दोष कवासी लखमा जी को षड्यंत्रपूर्वक जेल में रखा जा रहा है , न्याय में समय लग सकता है लेकिन जीत सच की ही होगी। आज हमने जेल में हमारे वरिष्ठ नेता कवासी लखमा जी से मुलाकात की है, उनके हौसले बुलंद हैं,वो अन्याय के ख़िलाफ़ डटकर खड़े हैं। सच जीतेगा और षड्यंत्र हारेगा।
एक्स पर लिखी अभिव्यक्ति के आलावा साक्षात्कार के दौरान भूपेश बघेल ने कहा, “जांच एजेंसियां तकनीकी पेचों के जरिए आरोपियों को जेल में बद रखती हैं, पूर्व आबकारी मंत्री को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल गई होती अगर प्रवर्तन निदेशालय ने 17 दिसंबर 2025 की पेशी के दिन अपना जवाब पेश किया होता, आर्थिक अपराध शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा छत्तीसगढ़ ने अपना जवाब पेश कर दिया है लेकिन प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा चूंकि जवाब पेश नहीं किया गया है इसलिए पूर्व आबकारी मंत्री के जमानत पर फैसला नहीं आ सका है, ऐसी परिस्थितियों में अदालतें अगली तारीख देती हैं, बस इसीलिए पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा जेल में हैं उन्हें भी जल्दी ही जमानत मिल जाएगी।”
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने साक्षात्कार के दौरान कथित आरोपों के बारे में कहा, “लोगों का आरोप है कि मैंने अपने बेटे को जेल से रिहा करवा लिया है और आदिवासी नेता के साथ कोई है नहीं, यह सच नहीं है, मेरे बेटे को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जमानत दी है और अगर सब मेरे वश में ही होता तो मेरे बेटे को जेल ही क्यों होती?”
