
ब्यावरा। ब्यावरा नगर पेयजल व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई हैै, लोगों को कई दिनों तक पानी नहीं मिल पा रहा है, नलों में गंदा दूषित पानी पहुंच रहा है, जो कि गंभीर मामला है. पेयजल व्यवस्था में शीघ्र सुधार करें, वरना नगर में इंदौर जैसे हालात होते निर्मित न हो जाये.
उक्त बात मंगलवार की शाम को कांग्रस पार्टी द्वारा नगर की बिगड़ी पेयजल व्यवस्था को लेकर नपा प्रशासन को सौंपे ज्ञापन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने कही. श्री सिंह ने कहा कि ब्यावरा ही नहीं जिले की कई नगरीय निकाय में पेयजल व्यवस्था के हालात बिगड़े हुए हुए है. उन्होंने कहा कि नाले, नालियों के यहां से पाइप लाइन गुजरने के चलते सप्लाई के दौरान कुछ जगह नलो में गंदा पानी पहुंच रहा है. समय रहते इस और गंभीरता से ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि जगह-जगह पाइप लाइन फूटने से सडक़ो पर पानी बहता है. उन्होंने समय पर कर्मचारियों को वेतन नही मिलने का मामला भी उठाया.
इस दौरान पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी,पूर्व नपाध्यक्ष डा. भारत वर्मा, जिपं अयध्क्ष चंदर सिंह सौंधिया, लक्ष्मीनारायण यादव, महेन्द्र यादव, लक्की दांगी, नपा उपाध्यक्ष अतुल जगताप, ब्लॉक अध्यक्ष राहुल दांगी, रचना भार्गव, पार्षदगण, कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
घंटाल बजाकर पहुंचे नपा
पीपल चौराहा पर विरोध प्रदर्शन के बाद इंकाजन रैली के साथ नारे लगाते हुए नपा कार्यालय पहुंचे. कुुछ कार्यकर्ता घंटाल बजाते हुए पहुंचे. विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार को आढ़े हाथो लेते हुए इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों पर दु:ख जताते हुए केबिनेट मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी पर विरोध जताया.
जगह-जगह टूट रही पाइप लाइने
कांग्रेस पार्टी द्वारा एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि ब्यावरा नगर में दस करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना स्वीकृत हुई थी. उक्त योजना के तहत पूरे शहर में बिछाई गई पेयजल पाइप लाइनों के पाइप घटिया क्वालिटी के डाले तथा योजना के डीपीआर अनुसार स्वीकृत आकार के पाइप नहीं डाले गये. पाइप लाइन लगातार लीकेज हो रही है. उक्त योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है, इसकी जाच कराई जाये. अमानक लाइनो के कारण मेेला एवं दुर्गंधयुक्त पानी आ रहा है जिससे नगर में भी इंदौर जैसे हालात निर्मित होने की आशंका है. वर्ष 2014 में पाइप लाइन बिछाने सडक़ो को खोदकर जस का तस छोड़ दिया गया. नगर की पाइप लाइनों का व्यापक परीक्षण कर दुरस्त कराया जाये.
