शिवपुरी: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब शिवपुरी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। ग्वालियर बायपास पर पिछले 14 दिनों से ठप पड़ी मड़ीखेड़ा जलावर्धन योजना की पाइप लाइन का मरम्मत कार्य तो पूरा कर लिया गया है लेकिन शहरवासियों को पेयजल के लिए अभी और इंतजार करना होगा। तकनीकी खामियों और पाइप लाइन में जमा 15 दिन पुराने पानी में बैक्टीरिया व वायरस के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सख्त एडवाइजरी जारी की है।
टंकियों में सप्लाई शुरू होने की उम्मीद तो है लेकिन स्वास्थ्य संबंधी खतरों के मद्देनजर अधिकारियों ने इस पानी को पीने के उपयोग में न लाने की अपील की है। फिलहाल शहर की प्यास बुझाने का जिम्मा नगर पालिका के टैंकरों और निजी संसाधनों पर ही टिका रहेगा। ग्वालियर के बाईपास पर 21 दिसंबर की मड़ीखेड़ा जलावर्धन योजना की पाइप लाइन फूट गई थी, जिसे 28 दिसंबर तक सही होना था, परंतु पाइप व अन्य सामान समय पर नहीं आ पाने के कारण लाइन सही होने का काम 28 दिसंबर को शुरू हो सका।
एक सप्ताह तक चले काम बाद 200 फीट की पाइप लाइन बिछाई जा सकी। मढ़ीखेड़ा का पानी ग्वालियर बाईपास तो पहुंच गया, परंतु लाइन के ज्वाइंट में लीक होने के कारण पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। लीकेज को सही करने के लिए ठेकेदार एजेंसी ने मोटर लगवा कर गड्ढे को खाली करने का काम शुरू किया है ताकि लीकेज को सुधारा जा सके।
