
इंदौर. साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया. एमजीएम मेडिकल कॉलेज के छात्र को ऑनलाइन टास्क और बोनस का लालच देकर 15 लाख रुपए ठग लिए गए. इसी तरह द्वारकापुरी में एक युवती को क्रेडिट कार्ड एक्टिवेशन का झांसा देकर उसके खाते से ऑनलाइन धन निकाला. पुलिस ने दोनों मामलों में साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
एमजीएम हॉस्टल के छात्र कृष्णकुमार पिता कैलाश कुमावत, मूलतः मंदसौर के रहने वाले हैं, ने बताया कि उन्होंने शिप्पो नामक कंपनी की लिंक पर अपनी आईडी बनाई थी. शुरुआत में उन्हें प्रतिदिन 56 टास्क दिए और 9 दिसंबर को टास्क पूरा करने पर उनके खाते में 1,042 रुपये बोनस क्रेडिट हुए. इस छोटे लाभ ने छात्र का भरोसा जीत लिया. अगले दिन ठगों ने 9,499 रुपये जमा करने पर भारी बोनस का ऑफर दिया. लालच में आकर छात्र ने धीरे धीरे 15 लाख रुपये जमा कर दिए, लेकिन बदले में केवल 51 हजार रुपये ही वापस मिले. जब और पैसे की मांग की गई, तब उसे ठगी का एहसास हुआ. दूसरा मामला द्वारकापुरी क्षेत्र का है. स्कीम नंबर 71 निवासी प्रगति जैन के पास 30 दिसंबर को अज्ञात कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और क्रेडिट कार्ड एक्टिवेशन का झांसा देकर जरूरी बैंक जानकारियां हासिल कीं. इसके बाद आरोपी ने प्रगति के खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर धोखाधड़ी अंजाम दी. पुलिस ने दोनों फरियादियों की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है. साइबर डेस्क के साथ मिलकर पुलिस एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और डिजिटल सबूतों की पड़ताल कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है.
