
उज्जैन। नया साल 2026 कड़ाके की ठंड के बीच शुरू हुआ है। शनिवार को साल के तीसरे दिन मौसम दिन भर सर्द बना रहा। ठंड से बचने के लिए अलाव जलते रहे। दोपहर तक कोहरा छाया हुआ था। अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग में रविवार को भी ऐसा ही मौसम बना रहने का अंदेशा जताया है।
अक्टूबर माह में ठंड का आगाज हुआ था इसके बाद से लगातार ठंड में उतार-चढ़ाव बना हुआ था। दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे गया था लेकिन अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री के बीच दर्ज हो रहा था। साल 2026 की शुरुआत होते ही मौसम पूरी तरह से बदल चुका है। आसमान में बादल छाए हुए हैं दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार और शनिवार के बीच दिन के तापमान में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार सुबह से ही घाना कोहरा छाया हुआ था। जिसके चलते दृश्यता का प्रतिशत काफी कम हो गया था। 50 मीटर दूर दिखाई नहीं दे रहा था। सुबह का सफर करने वाले वाहन चालकों को हेडलाइट चालू कर अपने गंतव्य की ओर बढऩा पड़ रहा था। सुबह के बाद दोपहर में भी कोहरा छाया रहा और सूर्य देव बादलों से नहीं निकल सके। कड़ाके की ठंड होने पर दिन में भी लोग अलाव तापते दिखाई दिए। दोपहर 2 बजे के लगभग सूर्य देव बादलों से बाहर आए लेकिन 4 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवा की वजह से मौसम में ठंडक बनी रही और सूर्य की रोशनी भी माध्यम रही। शाम ढलने के बाद मौसम फिर से सर्द हो चुका था।
आज भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा
जीवाजीराव वेधशाला अधीक्षक डॉ. राजेंद्रकुमार गुप्त के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी की वजह से ठंड बढ़ रही है। रविवार तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। सोमवार से आसमान में छाए बादल साफ होंगे इसके बाद शीत लहर महसूस हो सकती है वहीं रात के तापमान में भी तेजी से गिरावट आएगी। शुक्रवार के बाद शनिवार को भी कड़ाके की ठंड होने पर धार्मिक नगरी में जनजीवन प्रभावित बना रहा। सुबह जहां बाजार देरी से खुले थे वहीं शाम को 7 बजे बाद अधिकांश दुकानें बंद होने लगी थी। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में दिखाई दे रहे थे वहीं सडक़ों पर दुकानों के सामने और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जलाई जा रहे थे।
