एयर मार्शल कपूर ने वायु सेना के उप प्रमुख का कार्यभार संभाला

नयी दिल्ली 01 जनवरी (वार्ता) एयर मार्शल नागेश कपूर ने गुरुवार को भारतीय वायु सेना के उप प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। उन्हें एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी के स्थान पर इस पद पर नियुक्त किया गया है जो 40 वर्षों की गौरवशाली और विशिष्ट सेवा के बाद बुधवार को सेवानिवृत्त हो गये।

सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत एयर मार्शल कपूर ने दिसंबर 1985 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक उपाधि प्राप्त की और 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की युद्धक विमान इकाई में शामिल हुए। अनुभवी युद्धक पायलट और योग्य उड़ान प्रशिक्षक के रूप में उन्हें मिग-21 और मिग-29 के सभी विमान उडाने तथा विभिन्न युद्धक और प्रशिक्षण विमानों में 3400 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है।

रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज से प्रशिक्षित एयर मार्शल कपूर ने 39 वर्षों से अधिक की गौरवशाली सेवा में कमान, परिचालन, प्रशिक्षण और स्टाफ पदों पर कार्य किया है। उनके कार्यकाल में मध्य क्षेत्र में युद्धक स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, पश्चिमी क्षेत्र में फ्लाइंग बेस के स्टेशन कमांडर और प्रमुख एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग के तौर पर सेवा शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यों में वह वायु सेना अकादमी में मुख्य प्रशिक्षक (फ्लाइंग) और वेलिंगटन स्थित प्रतिष्ठित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज में डायरेक्टिंग स्टाफ रहें। एयर मार्शल कपूर ने वायु सेना अकादमी में अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय वायु सेना में पीसी-7 एमके II विमान शामिल कराने और उनके परिचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एयर मार्शल कपूर ने पाकिस्तान में रक्षा अताची के रूप में भी राजनयिक दायित्व का निर्वहन किया। उनके प्रमुख पदों में वायु मुख्यालय में सहायक वायु सेना प्रमुख संचालन (रणनीति), दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में वायु रक्षा कमांडर, केंद्रीय वायु कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी और वायु मुख्यालय में कार्मिक प्रभारी वायु अधिकारी शामिल हैं।

वायुसेना उप प्रमुख का पदभार ग्रहण करने से पहले एयर मार्शल कपूर ने प्रशिक्षण कमान के वायु अधिकारी कमान-इन-चीफ और उसके बाद दक्षिण पश्चिमी वायुसेना कमान के कमान-इन-चीफ के रूप में कार्य किया। उनकी अनुकरणीय और विशिष्ट सेवा के लिए उन्हें वर्ष 2008 में वायु सेना पदक, वर्ष 2022 में अति विशिष्ट सेवा पदक , वर्ष 2025 में राष्ट्रपति द्वारा परम विशिष्ट सेवा पदक और सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया।

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