मंदसौर: शहर के गोल चौराहा क्षेत्र में हुए ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है। एक ही जैन परिवार के तीन सदस्यों की गोली मारकर हत्या के मामले में वायदा बाजार एवं सोना–चांदी के लेनदेन से जुड़े आर्थिक विवाद की परछाई सामने आ रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस जघन्य वारदात के पीछे सुनियोजित साजिश और वित्तीय लेनदेन का बड़ा मामला छिपा हो सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी निमिष अग्रवाल मंगलवार को मंदसौर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तथा पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अब तक की जांच प्रगति की समीक्षा की। डीआईजी ने अधिकारियों को साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने और हर एंगल से गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार मृतक परिवार का संबंध वायदा बाजार तथा सराफा कारोबार से जुड़ा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि कारोबारी लेनदेन में हुए भारी नुकसान या विवाद के चलते यह हत्याकांड अंजाम दिया गया। पुलिस मृतकों के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल, लेनदेन रिकॉर्ड और कारोबारी संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों, वाहन आवागमन और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं, हालांकि जांच प्रभावित न हो, इसलिए फिलहाल आधिकारिक तौर पर उनका खुलासा नहीं किया गया है।
तीन लोगों की एक साथ हत्या से जैन समाज सहित पूरे शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और समाजजनों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में इस ट्रिपल डेथ केस में बड़े खुलासे हो सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीमों द्वारा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
