जबलपुर: पट्टा आवंटित करने पर सरपंच पद से हटाये जाने तथा 6 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ के हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने याचिका को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के पास सक्षम प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करने का वैकल्पिक कानूनी प्रावधान उपलब्ध है।
बालाघाट निवासी मोनिका मेश्राम की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि वह ग्राम पंचायत एकोड़ी की निर्वाचित सरपंच थी। एक व्यक्ति को पट्टा आवंटित किये जाने के संबंध में उसके खिलाफ जिला पंचायत बालाघाट के समक्ष शिकायत की गयी थी। सीईओ ने उसे तथा तत्कालीन ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
नोटिस के जवाब में उन्होंने बताया कि उपसरपंच से विवाद होने के कारण उसके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज की गयी है। प्रस्ताव तैयार करना सचिव का कार्य होता है। इसके अलावा यह भी बताया गया कि शिकायत दर्ज होने से पहले ही पट्टा निरस्त कर दिया गया था।सरकार की तरफ से बताया गया कि याचिकाकर्ता के पास आदेश के खिलाफ सक्षम प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करने का वैकल्पिक कानूनी प्रावधान है। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ याचिका को खारिज कर दिया।
