
सीहोर। गुजरात से बिहार के लिए रवाना हुए कंटेनर चालक ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर लाखों रुपए के माल पर हाथ साफ कर दिया. पुलिस ने जब कंटेनर चालक से सख्ती के साथ पूछताछ की तो उसने वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया. पुलिस ने आरोपी व उसके साथियों के पास से कपड़े की गठानें व अगरबत्ती के कार्टून बरामद करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
जानकारी के अनुसार गत 24 दिसंबर को गुजरात के सूरत शहर से एक ट्रक कंटेनर क्रमांक डीडी 01 आर 9201 बिहार के लिए रवाना हुआ था. कंटेनर में 188 गठान कपड़ा 21 कार्टन अगरबत्ती के भरे थे. बताया जाता है कि कंटेनर चालक मंगलेश मालवीय ने ट्रांसपोर्ट कंपनी में फोन करके बताया कि आष्टा थाना क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने चलते कंटेनर से माल उतार लिया है. इस मामले में ट्रांसपोर्ट कंपनी के सुपरवाइजर सुनील चौहान ने 29 दिसंबर को थाने में प्रकरण दर्ज कराया. जिसमें उसने बताया कि 25 से 27 दिसंबर के बीच कंटेनर से माल चोरी हुआ है. पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी. पूछताछ के दौरान आरोपी चालक मंगलेश ने बताया कि 27 दिसंबर को कोठरी के पास उन्होंने कंटेनर से माल चोरी कर उसे दूसरे ट्रक में लोड कराया गया तथा चोरी किया गया माल आष्टा स्थित इन्द्रा कॉलोनी में रहने वाले एक दोस्त के घर छिपाया. पुलिस को भ्रमित करने के उद्देश्य से आरोपी एवं उसके साथियों द्वारा घटना को कंजर गिरोह द्वारा अंजाम दी गई चोरी के रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया. पुलिस ने इस मामले में आरोपी ट्रक कंटेनर चालक 27 वर्षीय मंगलेश पिता लाड़सिंह मालवीय निवासी मानाखेड़ी, 32 वर्षीय गुलाब उर्फ भावसिंह पिता मानसिंह मेवाड़ा निवासी उमरपुर, 19 वर्षीय अनिल पिता खुशीलाल खेलवाल निवासी सेंधवखेड़ी, 22 वर्षीय संदीप पिता बाबूलाल मालवीय निवासी ग्राम उमरपुर और सचिन पिता दुर्गाप्रसाद कुशवाह, उम्र 19 वर्ष, निवासी सेंधवखेड़ी थाना आष्टा के अलावा 23 वर्षीय कपील उर्फ कुलदीप पिता हुकुम सिंह पाल निवासी टरोही बागरोद, थाना सिरोंज, जिला विदिशा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 लाख रुपए कीमत के 30 गठान कपड़ा और 3 कार्टन अगरबत्ती व घटना में प्रयुक्त ट्रक को जब्त कर लिया है. कार्यवाही में एसडीओपी आकाश अमलकर, थाना प्रभारी गिरीश दुबे, प्रधान आरक्षक महेन्द्र मेवाड़ा, आरक्षक शुभम मेवाड़ा, मेहरबान, अमन की भूमिका रही.
बार- बार बयान बदलने पर हुआ पुलिस को शक
पुलिस द्वारा वारदात का ढंग कंजरों की तरह अंजाम देने वाला देखते हुए हर पहलू पर जांच शुरू की. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के अलावा स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया. इस दौरान पुलिस को ट्रक कंटेनर चालक मंगलेश मालवीय पर शक हुआ. वाहन चालक मंगलेश मालवीय से पूछताछ की गई. वह बार-बार अपने कथन बदलता रहा. पुलिस ने सख्ती बरती तो आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कंपनी से माल लोड कर बिहार के लिए रवाना होने के पश्चात 25 दिसंबर को कंटेनर को दिलीप ढाबा पर खड़ा कर दिया था. इसके पश्चात उसने अपने साथियों गुलाब, सचिन, अनिल, कपिल एवं संदीप के साथ मिलकर कंटेनर में भरे माल को चोरी करने की योजना बनाकर अंजाम दिया.
