
भोपाल। अमन कालोनी ईरानी डेरे में अब पुलिस प्रशासन का बुलड़ोजर जल्द ही चलेगा. इस डेरे को हटाने के पीछे का बड़ा कारण यहां देशभर में अपराध करने के बाद बदमाशों के ठिकानों को ध्वस्त करना है. साल 2025 के अंत तक भोपाल पुलिस ने डेरे को हटाने की तैयारियां बना ली है. अब साल 2026 की शुरूआत में ही इस डेरे को हटाने की पूरी प्रक्रिया करने करने की संभावना है. जानकारी के अनुसार ईरानी डेरे के बदमाशों के अपराध का मामला केंद्रीय गृह विभाग ने लिया था. उन बदमाशों से जुड़े सभी रिकार्ड को जिला विशेष शाखा ने गृह विभाग को भेजा. इसी रिकार्ड के आधार पर अन्य प्रदेशों की पुलिस अब तक की पकड़ में आए बदमाशों को प्रॉडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी.
ईरानी डेरा अमन कालोनी में होने वाली कार्रवाई को लेकर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने निर्देश दिए हैं. ईरानी में बीते चार दिनों से पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. जिला प्रशासन के साथ भोपाल पुलिस ईरानी डेरे को हाटने की कवायद शुरू कर चुकी है. ईरानी डेरे का मुख्य सरगना राजू ईरानी और उसके कई साथी अपराध करने के बाद से गायब हैं. यहां रहने वाले बदमाशों की तलाश देशभर की पुलिस कर रही है. हाल में 10 महिलाओं के साथ पकड़े गए कुल 32 बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया. सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं. यह डेरा पुलिस के सामने हमेशा चुनौती पूर्ण बना रहा. ऐसा इसलिए भी कि जब भी यहां रहने वाले बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस जाती थी. महिलाओं समेत यहां के रहने वाले लोगों पर आरोप है कि वह पुलिस पर पथराव करने से बाज नहीं आते थे. यह डेरा बदमाशों के गढ़ के तौर पर माना जाता है. सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि अमन कालोनी बिना डायवर्जन की जमीन पर बसा है. बीते दिनों यहां मेट्रो स्टेशन बनाने की कवायद शुरू करने से पहले प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन को खाली कराया था. देशभर में अपराध करने वाले ईरानी डेरे के बदमाशों को किस्सा हर एक किरदार के तौर पर सामने आया है. बीते 28 दिसंबर की सुबह डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल की अगुवाई में पुलिस की दाबिश में ईरानी समाज के कु्ख्यात आरोपियों को पकड़ा गया. पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान यहां की महिलाओं ने पथराव कर रूकावट पैदा करने की कोशिश भी की. पुलिस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए बदमाशों के पास से कई महंगे सामान भी बरामद किए. बदमाशों के ठिकाने से फर्जी पत्रकार होने के भी साक्ष्य मिले. यहां चैनलों की फर्जी माइक आईड़ी की जब्ती की गई है. बदमाश कई बार अपराध को अंजाम देने के लिए जांच ऐजंसी के अधिकारी, पत्रकार सहित अन्य किरदारों का मुखौटा अपना लेते थे. ईरानी डेरे पर भोपाल पुलिस कमिश्नर की कड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में आपराधियो में भय और आम जनता के बीच सुरक्षा का महौल बना है.
