खिलचीपुर। क्षेत्र के ग्राम गादिया लुहार में आयोजित धार्मिक आयोजन के दौरान भोजन ग्रहण करने के बाद फूड पॉयजनिंग का मामला सामने आया है. भोजन ग्रहण करने के बाद लोगों की तबीयत बिगडऩा शुरु हो गई. परिजन एवं ग्रामीणों के द्वारा बीमार लोगों को तुरंत खिलचीपुर अस्पताल लाया गया.
पेट में जलन और दस्त की शिकायत लोगों में होने लगी. सोमवार रात्रि के समय गांव के 10 से अधिक लोगों को तबीयत बिगडऩे पर खिलचीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां चिकित्सक द्वारा उनका उपचार किया गया. बीमार लोगों में बच्चे और युवा शामिल है. इनमें गादिया लुहार तथा ग्राम छीपीपुरा और नेगडिया के निवासी भी शामिल है.
एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया
नेगडिया गांव में युवकों और बच्चों की तबीयत बिगडऩे पर ग्रामीणों ने 108 एम्बुलेंस को सूचना दी. इसके बाद 5 एम्बुलेंस गांव पहुंची. ईएमटी राजेश दांगी, श्रीनाथ दांगी, दिनेश दांगी, रामलाल तंवर और पायलट भंवरलाल, लव कुमार, भारत दांगी, सज्जन सौंधिया व गोविंद परिहार की टीम द्वारा मरीजों को अस्पताल पहुंचाया. दस से अधिक लोगों को खिलचीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है. उधर प्रसादी भोजन से फूड पॉयजनिंग की आशंका को लेकर कारणों की जांच की जा रही है.
सोनू तंवर उम्र 14 वर्ष, उर्मिला तंवर उम्र 11, दुलीचंद तंवर 25 वर्ष, राकेश तंवर 16, बलवंत तंवर उम्र 8, लखन तंवर उम्र 19 वर्ष, बबलू तंवर 17 वर्ष, हरिसिंह तंवर 17 वर्ष, रामबाबू तंवर 21 वर्ष एवं निलेश तंवर उम्र 9 वर्ष की तबीयत बिगडऩे पर उन्हें खिलचीपुर अस्पताल लाया गया.
एक ही गांव में 20- 25 लोग की तबीयत बिगड़ी
ग्राम नेगडिया में ही 20 से 25 लोगों की तबीयत बिगडऩे की जानकारी है. ग्राम नेगडिया निवासी दुलीचंद तंवर के अनुसार प्रसादी ग्रहण करने के बाद उनके गांव में ही 20 से 25 लोगों की तबीयत बिगड़ गई. अधिकांश लोगों में दस्त और पेट में जलन होना सामने आया. इस संबंध में खिलचीपुर अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक डॉ. विशाल सिसौदिया का कहना है कि रात के समय लगभग 12 मरीज अस्पताल लाए गए. इनको दस्त और पेट में जलन की शिकायत हुई थी. प्राथमिक उपचार किया गया है. इनकी हालत अब बेहतर है.
