
भोपाल: इंदौर में दूषित पेयजल की आपूर्ति से चार नागरिकों की दुखद मृत्यु और 150 से अधिक लोगों के बीमार होने की घटना ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे महज़ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार की घोर लापरवाही, असंवेदनशीलता और जवाबदेही से मुंह मोड़ने का गंभीर परिणाम बताया है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा-नेतृत्व वाली राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है।
इंदौर के वर्मा अस्पताल में भर्ती प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्थिति अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है। मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर भय, दर्द और असहायता साफ झलक रही थी। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनका दुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। कांग्रेस नेता ने कहा, “किसी भी शासन व्यवस्था के लिए इससे बड़ा अपराध नहीं हो सकता कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण निर्दोष नागरिकों की जान चली जाए।”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से इंदौर के नागरिक दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें कर रहे थे, लेकिन सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इस गंभीर मुद्दे को नज़रअंदाज़ किया और समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसी उदासीनता का परिणाम है कि आज चार लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग अस्पतालों में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पार्टी ने कहा कि यह घटना मध्य प्रदेश में कोई पहली नहीं है और पूर्व में भी ऐसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जो भाजपा सरकार की कार्यशैली, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही की कीमत प्रदेश की जनता को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
कांग्रेस ने इस मामले में उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मृतकों के परिजनों को समुचित मुआवजा तथा सभी प्रभावितों को नि:शुल्क और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्टी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी
