तेलंगाना में 1.95 करोड़ रुपये की ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी का भंडाफोड़ , दो गिरफ्तार

हैदराबाद, 29 दिसंबर (वार्ता) तेलंगाना में हैदराबाद सिटी की साइबर क्राइम पुलिस ने 1.95 करोड़ रुपये की बड़ी ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी का भंडाफोड़ कर गुजरात के भावनगर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान भावनगर निवासी सैयद सोयब जाहिद भाई और बेलिम अनस रहीम भाई के रूप में हुई है।

पुलिस उपायुक्त वी अरविंद बाबू ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आरोपियों ने कई फर्जी बैंक खाते संचालित करके और हवाला नेटवर्क के जरिए ठगी के पैसे को दुबई स्थित साइबर ठगों तक पहुंचाकर इस धोखाधड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गत 13 दिसंबर को एक महिला हैदराबाद पुलिस के पास पहुंची और बताया कि उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बहाने ठगा गया है।

उन्होंने बताया कि पीड़िता को अज्ञात व्यक्तियों से कई फोन कॉल आए, जो खुद को सरकारी और टेलीकॉम विभाग के अधिकारियों के रूप में प्रस्तुत कर रहे थे।कॉल करने वालों ने झूठा आरोप लगाया कि पीड़िता के पति का गंभीर आपराधिक मामलों में नाम है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। डर और घबराहट पैदा करने के लिए ठगों ने अलग-अलग फर्जी पहचान से कॉल किया। उन्होंने पीड़िता को यह विश्वास दिलाया कि मुद्रा के सीरियल नंबरों की जांच और कथित मामले को साफ करने के लिए पैसे ट्रांसफर करने की जरूरत है। आरोपों पर विश्वास करके और दबाव में आकर पीड़िता ने अपने बैंक खातों से आरटीजीएस के जरिए ठगों द्वारा दिए गए खातों में कुल 1,95,76,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि सैयद सोयब जाहिद भाई ने फर्जी बैंक खाते खोलने में मदद की, ठगी की रकम निकालने की सुविधा प्रदान की और इन खातों से गुजरे पैसे पर 15 प्रतिशत कमीशन लिया। दूसरे आरोपी बेलिम अनस रहीम भाई ने उच्च स्तर के ऑपरेटिव्स के निर्देशों पर काम किया, फर्जी खातों का प्रबंधन किया और हवाला चैनलों के जरिए विदेशी ठगों तक धन हस्तांतरण सुनिश्चित किया। पुलिस ने आरोपियों से अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

जांच में पता चला कि आरोपी आदतन साइबर अपराधी हैं और उनके द्वारा संचालित बैंक खातों का इस्तेमाल तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में दर्ज 22 साइबर ठगी के मामलों में हुआ था। इन खातों से लगभग 3.5 करोड़ रुपये के लेन-देन हुए थे।

 

 

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