
छतरपुर। कांग्रेस के भीतर वैचारिक अनुशासन को लेकर बहस छिड़ गई है। पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी की पुत्री और कांग्रेस नेत्री निधि चतुर्वेदी ने वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के आरएसएस संबंधी हालिया बयान पर सार्वजनिक आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी नेतृत्व से इस विषय पर संज्ञान लेने और अनुशासनात्मक कदम उठाने की मांग की है।
निधि चतुर्वेदी का कहना है कि इस तरह के बयान पार्टी की वैचारिक स्पष्टता को कमजोर करते हैं और उन कार्यकर्ताओं का उत्साह प्रभावित करते हैं, जो जमीनी स्तर पर संगठन की लाइन पर संघर्ष कर रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस जिस वैचारिक मोर्चे पर लगातार संघर्ष कर रही है, ऐसे वक्त में वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक काम करने वाले कार्यकर्ता एक स्पष्ट दिशा की अपेक्षा रखते हैं। ऐसे में विवादित बयानों से संगठन के भीतर भ्रम और असंतोष की स्थिति बनती है, जिसका नुकसान अंततः पार्टी को ही उठाना पड़ता है।
