
छतरपुर। छतरपुर जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां मोबाइल फोन खराब होने की छोटी-सी बात से आहत होकर एक नाबालिग छात्र ने जहरीला पदार्थ खा लिया। समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
छतरपुर जिला मुख्यालय के समीप सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गठेवर गांव में रहने वाला 17 वर्षीय छात्र मोबाइल फोन की स्क्रीन टूटने से मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया। छात्र कक्षा 10वीं में पढ़ाई कर रहा है। बताया गया कि मोबाइल की स्क्रीन टूटने के बाद उसने अपनी मां से उसे ठीक कराने की मांग की थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण मां ने कुछ समय बाद ठीक कराने की बात कही। इसी बात से छात्र तनाव में आ गया।
परिजनों के अनुसार, इसी मानसिक दबाव में आकर छात्र ने घर में रखा चूहामार जहरीला पदार्थ खा लिया। जैसे ही परिवार को इसकी जानकारी हुई, घबराए परिजन उसे तुरंत छतरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने त्वरित उपचार करते हुए छात्र को मेडिसन वार्ड में भर्ती कर लिया। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू
इलाज के दौरान छात्र ने अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि उसने भावनाओं में बहकर यह कदम उठाया, जिसे लेकर उसे अब पछतावा है। मामले की सूचना अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल चौकी को दी, जिसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
