मुंबई। 26 दिसंबर, 2025। बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा का सफर हमेशा आसान नहीं रहा। करियर के शुरुआती दौर में नाक के पॉलीप (Polyp) को हटाने के लिए कराई गई एक साधारण सर्जरी गलत हो गई, जिससे उनके चेहरे का आकार पूरी तरह बदल गया। इस घटना के बाद प्रियंका को भारी मानसिक प्रताड़ना और ‘डिप्रेशन’ का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि प्रियंका ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने और वापस अपने घर बरेली जाने का मन बना लिया था। इस खराब सर्जरी के कारण उनके हाथ से तीन बड़ी फिल्में भी निकल गईं, क्योंकि मेकर्स को उनका बदला हुआ चेहरा स्वीकार्य नहीं था।
प्रियंका के इस मुश्किल दौर में उनके पिता, डॉ. अशोक चोपड़ा, उनके सबसे बड़े संबल बने। उन्होंने न केवल प्रियंका को मानसिक रूप से संभाला, बल्कि उनकी ‘करेक्टिव सर्जरी’ भी करवाई, जिससे उनके चेहरे का स्वरूप ठीक हुआ और उनका आत्मविश्वास वापस लौटा। प्रियंका ने स्वयं साझा किया है कि उस समय उनके पिता का साथ न होता, तो शायद आज वह दुनिया की सफल अभिनेत्रियों की सूची में न होतीं। इस घटना के बाद प्रियंका ने कड़ी मेहनत की और अपनी अभिनय प्रतिभा के दम पर न केवल बॉलीवुड में बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाई।
हॉलीवुड में ‘सिटाडेल’ और ‘क्वांटिको’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के बाद प्रियंका चोपड़ा अब एक बार फिर भारतीय सिनेमा में लौटने को तैयार हैं। वह दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ में मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू होंगे, जिसे लेकर प्रशंसकों के बीच जबरदस्त उत्साह है। मुश्किलों को मात देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के झंडे गाड़ने वाली प्रियंका की यह कहानी आज करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है कि कैसे असफलता और हादसों को पीछे छोड़कर सफलता के शिखर तक पहुँचा जा सकता है।

