इंदौर: शहर में साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी सामने आ रही है. अलग अलग थाना क्षेत्रों में ट्रेडिंग, ऑनलाइन टास्क, मुद्रा लोन और ओटीपी के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई है. पुलिस ने सभी मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में यूएसडीटी ट्रेडिंग के नाम पर एक व्यक्ति से करीब आठ लाख रुपए की ठगी की गई. आरोपियों ने मोबाइल नंबरों और एक वेबसाइट के जरिए खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर भरोसा दिलाया.
पांच दिन की ट्रेडिंग के दौरान फरियादी के इंडसइंड बैंक, एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक खातों से अलग अलग खातों और यूपीआई में रकम ट्रांसफर करवा ली गई. बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही संपर्क हो पाया. इसी तरह एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक युवती को ऑनलाइन टास्क के नाम पर झांसे में लिया. आरोपी ने खुद को वीआईपी मेंबर बताते हुए चार टास्क दिए और पहले भरोसा जीतकर यूपीआई के जरिए 1 लाख 63 हजार 600 रुपए ले लिए. इसके बाद और रकम की मांग की गई, जिस पर शंका होने पर पीड़िता ने पैसे देने से इनकार किया. तब ठगी का खुलासा हुआ.
वहीं लसूड़िया थाना क्षेत्र में मुद्रा लोन दिलाने का झांसा देकर साढ़े पांच लाख रुपए से अधिक की ठगी की गई. आरोपी ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लिंक भेजा और पहले प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 8,800 रुपए जमा कराए. इसके बाद अलग-अलग चार्ज बताते हुए 18 ट्रांजेक्शन में 5 लाख 18 हजार 940 रुपए फरियादी और उसकी पत्नी के खातों से ट्रांसफर करवा लिए. वहीं परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में लिंक और ओटीपी के जरिए क्रेडिट कार्ड से ठगी का मामला सामने आया. अलग अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर फरियादी का मोबाइल हैंग कराया और इसके बाद मोबिक्विक सिस्टम्स के नाम पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड से करीब 1 लाख 27 हजार 984 रुपए के ट्रांजेक्शन कर लिए.
पुलिस ने सभी मामलों में संबंधित थानों में अपराध दर्ज कर साइबर सेल की मदद से मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, वेबसाइट और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी, ट्रेडिंग ऑफर, टास्क या लोन के नाम पर पैसे जमा न करें, क्योंकि बैंक और वित्तीय संस्थान कभी भी फोन या लिंक के जरिए ऐसी मांग नहीं करते
