नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर कार्यालय ने लुधियाना के जाने-माने उद्योगपति एसपी ओसवाल के ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले के सिलसिले में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और असम में 11 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों ने गुरूवार को बताया कि उन्होंने इस मामले में मुख्य आरोपी रूमी कलिथा को गिरफ्तार किया है और तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद कर जब्त किए गए हैं।
ईडी ने लुधियाना के साइबर अपराध थाना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अपनी जांच शुरू की। इसी आपराधिक समूह से जुड़े साइबर अपराध या डिजिटल गिरफ्तारी के संबंध में इसके बाद विभिन्न पुलिस अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई नौ और प्राथमिकी को भी जांच में शामिल किया गया।
ईडी की जांच में पता चला कि एसपी ओसवाल की डिजिटल गिरफ्तारी के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो के अधिकारी बनकर धोखेबाजों ने जाली आधिकारिक और न्यायिक दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उन्हें 7 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया।
इस रकम में से 5.24 करोड़ रुपये बरामद कर उन्हें वापस स्थानांतरित कर दिए गए। बाकी रकम अलग-अलग संस्थाओं और व्यक्तियों, जैसे मजदूरों और डिलीवरीकर्मियों के नाम पर खोले गए कई फर्जी खातों में स्थानांतरित कर दी गई और या तो तुरंत आगे स्थानांतरित कर दी गई या नकद निकाल ली गई।
जांच में यह भी पता चला कि पीड़ितों से ठगी गई रकम को आपराधिक समूह ने तुरंत कई फर्जी खातों में स्थानांतरित कर दिया था। इन खातों का इस्तेमाल आरोपी रूमी कलिता ने अपने हिस्से के तौर पर पैसे के एक निश्चित प्रतिशत के बदले में किया था।
तलाशी के दौरान जुटाए गए विभिन्न आपत्तिजनक सबूतों से पता चला कि कलिथा अपराध की कमाई को स्थानांतरित करने और छिपाने में गहराई से शामिल थी। इस मामले में पहले की गई तलाशी में पहले ही आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद और जब्त किए जा चुके थे। मामले में जांच जारी है।
